
-ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में ऑनलाइन जुआ खेलाने के मामले में की यह कार्रवाई
-ईडी की ओर से जुलाई 2025 में चलाया गया था सर्च ऑपरेशन
गुरुग्राम, 12 दिसंबर (Udaipur Kiran) . प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) गुरुग्राम क्षेत्रीय कार्यालय की टीम ने मेसर्स प्रोबो मीडिया टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड एवं कंपनी के निदेशकों के पारिवारिक सदस्यों से जुड़ी 117.41 करोड़ की चल-अचल संपत्तियों की अस्थायी कुर्की की है. ईडी की ओर से यह कार्रवाई कंपनी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले को लेकर की गई है. कुर्क की गई संपत्तियों में कंपनी के नाम पर एफडी, शेयरों में निवेश, डिमांड ड्राफ्ट व बैंक बैलेंस जैसी चल संपत्तियां और कंपनी के निदेशकों के पारिवारिक सदस्यों के नाम पर प्रॉपर्टी शामिल हैं.
मेसर्स प्रोबो मीडिया टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, प्रोबो मीडिया टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड एप्लीकेशन और वेबसाइट प्रोबो चलाती है, जो ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में ऑनलाइन जुआ के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराती है. ईडी ने विभिन्न धाराओं के तहत मेसस. प्रोबो मीडिया टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और इसके डायरेक्टर्स/प्रमोटर्स के खिलाफ गुरुग्राम, पलवल-Haryana और आगरा-Uttar Pradesh में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की. एफआईआर में शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें धोखा दिया गया. हां या ना जैसे आसान सवालों के जरिए पैसे कमाने की स्कीम गलत तरीके से पेश की गई. हकीकत में यह स्कीम स्किल बेस्ड गेमिंग की आड़ में जुआ को बढ़ावा देती है. ईडी की जांच में यह भी पता चला कि मेसर्स प्रोबो मीडिया टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड ने खुद को स्किल-बेस्ड गेमिंग प्लेटफॉर्म बताकर अपने यूजर्स को धोखा दिया.
आरोप हैं कि कंपनी ऑनलाइन गेम की आड़ में एक जुए का प्लेटफॉर्म चला रहा थी, जिससे यूजर्स को धोखा दिया गया और अवैध कमाई की गई. आरोपी कंपनी द्वारा अपने डायरेक्टर्स/प्रमोटर्स के जरिये किए गए शेड्यूल अपराधों से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों से लगभग 1245.64 करोड़ रुपए की अपराध की कमाई हुई. ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन और रेगुलेशन एक्ट, 2025 लागू होने के बाद प्रोबो ने अगस्त 2025 में अपना ऑपरेशन बंद कर दिया. इस मामले में पीएमएलए, 2002 के तहत गत 8 जुलाई 2025 और 9 जुलाई.2025 को मेसर्स प्रोबो मीडिया टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और इसके प्रमोटर्स से संबंधित ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया था.
(Udaipur Kiran)