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Thursday, 29 October 2026
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गुरुग्राम: नाईजीरियन ने सोशल मीडिया पर युवती से दोस्ती करके ठगा

पुलिस की गिरफ्त में ठगी का आरोपी नाइजीरियन युवक।

-आरोपी 2019 में मेडिकल वीजा पर आया था भारत

गुरुग्राम, 18 दिसंबर (Udaipur Kiran) । सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती करके एक युवती को विश्वास में लेकर धोखाधड़ी से धनराशि ट्रांसफर करवाने के मामले में नाईजीरिया मूल के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने गुरुवार को बताया कि पुलिस थाना साइबर अपराध दक्षिण गुरुग्राम की पुलिस टीम ने यह गिरफ्तारी की है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

जानकारी के अनुसार 26 नवंबर 2025 को एक महिला द्वारा पुलिस थाना साइबर अपराध दक्षिण गुरुग्राम में लिखित शिकायत दी गई। शिकायत में युवती ने बताया कि उसकी स्नैपचैट के माध्यम से एक व्यक्ति से दोस्ती हुई, जिसने स्वयं को लंदन का निवासी बताया। आरोपी ने पीडि़ता को भारत आकर मिलने की बात कही। 23 नवंबर 2025 को फ्लाइट टिकट की फोटो भी उसे भेजी। 24 नवंबर 2025 को आरोपी द्वारा युवती को फोन करके बताया गया कि उसके पास अत्यधिक मात्रा में नकद राशि है। जिसके कारण उसे भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस राशि को रिलीज करवाने के नाम पर युवती ने पीडि़ता से 58 हजार रुपये भेजने को कहा। आरोपी ने युवती को विश्वास में लेकर धोखाधड़ी से वह राशि बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिया। युवती की इस शिकायत पर पुलिस थाना साइबर अपराध दक्षिण, गुरुग्राम में केस दर्ज किया गया। प्रबंधक साइबर अपराध थाना दक्षिण के निरीक्षक नवीन कुमार व उनकी पुलिस टीम द्वारा तत्परता से कार्यवाही करते हुए इस वारदात को अंजाम देने में नाईजीरिया मूल के आरोपी को गुरुवार को दिल्ली से काबू करने में सफलता हासिल की। आरोपी की पहचान मूसा (उम्र-40 वर्ष) निवासी फिलहाल निवासी अरुण नगर निहाल विहार, दिल्ली स्थायी पता लागोस, नाइजीरिया के रूप में हुई। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष-2019 में मेडिकल वीजा पर भारत आया था। जिसकी अवधि वर्ष-2019 में ही समाप्त हो गई। कोविड-19 महामारी के चलते यह भारत में ही रह गया। आरोपी ने यह भी बताया कि ठगी की गई राशि जिस बैंक खाते में ट्रांसफर करवाई गई थी, उसका एटीएम कार्ड उसके पास था। यह एटीएम कार्ड इसे किसी अन्य व्यक्ति द्वारा पैसे निकालकर लाने के लिए दिया गया था, जिसके बदले उसे निकाली गई राशि का पांच प्रतिशत कमीशन मिलता था। पुलिस टीम द्वारा आरोपी को अदालत में पेश करके पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया जाएगा। उसे इस तरह की और भी ठगी की वारदातों का खुलासा होने की पुलिस को उम्मीद है।

(Udaipur Kiran)

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