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Thursday, 29 October 2026
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ग्वालियरः दुग्ध उत्पादकों को मिलेगी अब तक की सर्वाधिक 840 रुपये प्रति किग्रा फेट दर

ग्वालियर सहकारी दुग्ध संघ की 39वीं वार्षिक साधारण सभा की बैठक

– ग्वालियर सहकारी दुग्ध संघ की 39वीं वार्षिक साधारण सभा की बैठक में संभाग आयुक्त ने नई दुग्ध समतियाँ गठित कराने के दिए निर्देश

ग्वालियर, 27 सितम्बर (Udaipur Kiran News) । मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में सहकारी दुग्ध संघ की 39वीं वार्षिक साधारण सभा की बैठक शनिवार को संभाग आयुक्त एवं प्राधिकृत अधिकारी ग्वालियर दुग्ध संघ मनोज खत्री की अध्यक्षता में हुई। संभाग आयुक्त खत्री ने बैठक में कहा कि ग्वालियर-चम्बल सम्भाग के किसान कृषि के साथ पशुपालन कर सहकारिता के माध्यम से समितियाँ गठित कर उच्च गुणवत्ता का दूध दुग्ध संघ को प्रदाय करें। संभाग आयुक्त ने दुग्ध संघ के अधिकारियों को दुग्ध समितियां का गठन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को दूध का उचित मूल्य, वर्तमान प्रचलित दर 840 रुपये प्रति किलोग्राम फेट प्राप्त हो सकेगा।

बैठक में कलेक्टर रूचिका चौहान, प्रबंध संचालक एम.पी.सी.डी.एफ. डॉ. संजय गोवाणी, संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाएं भूपेन्द्र सिंह, संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं तथा ग्वालियर-चम्बल संभाग के 6 जिलों के दुग्ध उत्पादक किसान उपस्थित रहे।

कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ग्वालियर सहकारी दुग्ध संघ, सीईओ जिला पंचायत से समन्वय कर ग्रामों में नई दुग्ध समितियों के चयन एवं गठन की कार्यवाही सुनिश्चित करें। इससे अधिक से अधिक गांवों तक दुग्ध सहकारिता का लाभ पहुँच सकेगा।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2024-25 में 67 दुग्ध सहकारी समितियों द्वारा औसतन 10,110 किलोग्राम प्रतिदिन दूध प्रदाय किया गया। दुग्ध संघ ने वर्ष 2024-25 में 600 से 700 रुपये प्रति किलोग्राम फेट की दर से, अर्थात औसतन 45.06 रुपये प्रति किलोग्राम दूध की दर से, दुग्ध प्रदायकों को भुगतान किया। दुग्ध उत्पादकों से अधिक मात्रा में उत्तम गुणवत्ता का दूध समितियों के माध्यम से संघ को प्रदाय करने का आग्रह किया गया।

ग्वालियर दुग्ध संघ द्वारा बताया गया कि राज्य शासन, एम.पी.सी.डी.एफ. भोपाल और एन.डी.डी.बी. के मध्य हुए समझौते के बाद वर्ष 2023-24 के लंबित भुगतान किसानों को किए गए। साथ ही दुग्ध क्रय दर 700 रुपये से बढ़ाकर 840 रुपये प्रति किलोग्राम फेट कर दी गई है, जो संघ के इतिहास में सबसे अधिक है। दुग्ध उत्पादकों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, पशुधन बीमा योजना, पशुपालक बीमा योजना और युवाओं को ग्राम स्तर पर पशुपालन हेतु प्रोत्साहन जैसी कल्याणकारी योजनाएँ भी संचालित की जा रही हैं।

प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवाणी ने बताया कि 13 अप्रैल 2025 को हुए समझौते के बाद ग्वालियर दुग्ध संघ को लंबित भुगतान हेतु राशि उपलब्ध कराई गई। वर्तमान में किसानों को प्रत्येक माह की 05, 15 और 25 तारीख को नियमित भुगतान किया जा रहा है। इस वर्ष कुछ दुग्ध शीतकेन्द्रों पर गुणवत्तापूर्ण दूध प्राप्त न होने पर उन्हें बंद किया गया, किंतु शहरी उपभोक्ताओं को पर्याप्त पैकेट दूध उपलब्ध कराने हेतु अन्य दुग्ध संघों (जबलपुर, उज्जैन, बुंदेलखंड) से अतिशेष दूध प्राप्त कर आपूर्ति सुनिश्चित की गई। म.प्र. शासन, एम.पी.सी.डी.एफ., संभागायुक्त और जिला प्रशासन के सहयोग हेतु ग्वालियर सहकारी दुग्ध संघ ने आभार जताते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी दुग्ध उत्पादकों के उत्थान के लिए सहयोग निरंतर मिलता रहेगा।

(Udaipur Kiran) तोमर

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