
सोनीपत, 30 नवंबर (Udaipur Kiran) . सोनीपत के गोहाना में
sunday को पहुंचे Indian किसान यूनियन (चढूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने शुगर
मिलों के देरी से शुरू होने को लेकर सरकार और प्रशासन को निशाने पर लिया. उन्होंने
कहा कि यह किसानों की बदकिस्मती है कि मिलें किसानों की हैं, पर मर्जी सरकार और अधिकारियों
की चलती है. उनका आरोप था कि निजी मिलों को फायदा पहुंचाने के लिए सहकारी मिलों को
हर साल जानबूझकर देर से चलाया जाता है.
चढूनी ने कहा कि गन्ने
की समय पर छिलाई न होने से किसान भारी नुकसान उठाते हैं. छिलाई में देरी होने पर सैकड़ों
एकड़ जमीन खाली पड़ी रहती है, जिससे किसान गेहूं की बिजाई नहीं कर पाते.
उन्होंने कहा
कि शुगर मिल को एक सप्ताह पहले ही शुरू हो जाना चाहिए था, पर सरकार की मनमर्जी के कारण
आज भी किसान इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रशासन ने तुरंत
कार्रवाई नहीं की तो किसान गन्ना लेकर ट्रालियों सहित सीधे मिल पर पहुंचेंगे. उन्होंने
कहा कि या तो गन्ना ले लो या फिर डंडा झेलने के लिए तैयार रहो. धान घोटाले को लेकर भी
चढूनी ने सरकार, अधिकारियों और खाद्य निगम पर गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना था कि दो
साल पुराना चावल, जिसे गरीबों में बांटा जाना चाहिए था, उसे केमिकल से धोकर नया बताकर
दोबारा खाद्य निगम को बेचा गया. उन्होंने दावा किया कि एक 290 क्विंटल के ट्रक पर पन्द्रह
हजार रुपए की रिश्वत तय थी.
चढूनी ने बताया कि Haryana
के छह जिलों में एक भी क्विंटल धान नहीं खरीदा गया, जबकि चौसठ हजार एकड़ का पोर्टल
कर दिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर धान था तो खरीदा क्यों नहीं गया और अगर नहीं
था तो पोर्टल कैसे कर दिया गया. उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के अट्ठाईस लाख किसानों
ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया, परन्तु सत्यापन प्रक्रिया उल्टी कर दी गई. फिजिकल सत्यापन
भी उन्हीं लोगों का हुआ, जो घोटाले में शामिल बताए जा रहे हैं.
चढूनी ने मांग की कि धान
घोटाले में शामिल सभी लोगों पर कार्रवाई की जाए और किसानों को हुए नुकसान की भरपाई
तुरंत की जाए. उन्होंने कहा कि सरकार को किसान हित में तत्काल निर्णय लेना होगा, अन्यथा
आंदोलन तेज किया जाएगा. प्रदेशा उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल, भगत सिंह चेयरमेन किसान यूनियन
गोहाना, कृष्ण मलिक कथुरा ब्लाक अध्यक्ष, राजबीर मलिक, सोनू प्रजापति आदि साथ रहे.
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(Udaipur Kiran) शर्मा परवाना
