मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट, 18 अगस्त तक कई जिलों में तेज़ बरसात की संभावना
भोपाल, 16 अगस्त (Kiran News)। मध्य प्रदेश में मानसून ने अगस्त के दूसरे पखवाड़े में जोरदार वापसी की है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने बैतूल और बुरहानपुर सहित 13 अन्य जिलों में 18 अगस्त तक भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

बैतूल और बुरहानपुर में सबसे अधिक असर की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में बैतूल और बुरहानपुर जिलों में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज हो सकती है, जहां 8 इंच तक वर्षा की संभावना है। वहीं, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, देवास, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट जैसे जिलों में भी 4 इंच तक बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मानसून की वापसी और आगामी पूर्वानुमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र, ऊपरी हवा के चक्रवात और राज्य के ऊपर से गुजर रही मानसून टर्फ लाइन के कारण भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है। 17-18 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर और तेज़ हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और नदियों के किनारे जाने से बचने की सलाह दी है।
अब तक की बारिश और संभावित प्रभाव
राज्य में इस मानसून सीजन में अब तक औसत का 82% यानी 30.5 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि वार्षिक औसत 37 इंच है। पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में 31% ज्यादा और पश्चिमी हिस्सों में 20% ज्यादा बारिश हो चुकी है। ग्वालियर समेत 10 जिलों में सीजन का कोटा पूरा हो गया है, लेकिन इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में अभी भी कम वर्षा दर्ज की गई है।
किसानों और आम जनता को राहत
मौजूदा बारिश खरीफ की फसलों के लिए वरदान साबित हो सकती है, जिससे धान, सोयाबीन और मक्का जैसी फसलों को अच्छा पानी मिलेगा। साथ ही, जलाशयों और बांधों में भी जलस्तर बढ़ने से जल संकट से राहत मिलेगी। हालांकि, अत्यधिक वर्षा के कारण कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।



