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Friday, 30 October 2026
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खालिदा जिया की हालत नहीं सुधरी तो तारिक रहमान लौटेंगे बांग्लादेश, शीर्ष सैन्य अधिकारी हालचाल लेने अस्पताल पहुंचे

बीएनपी अध्यक्ष खालिदा जिया और कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान (बाएं से दाएं)। तारिक लंदन में निर्वासित जीवन जी रहे हैं। वो बेगम खालिदा के बेटे है्ं। फोटो - प्रोथोम अलो

ढाका, 03 दिसंबर (Udaipur Kiran) । बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष और देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया की शारीरिक स्थिति में कोई बदलाव नहीं होता और अगर वह उच्च इलाज के लिए विदेश ले जाने की हालत में नहीं हैं तो तारिक रहमान जल्द ही ब्रिटेन से बांग्लादेश लौट सकते हैं। उनके बेटे तारिक लंबे समय से लंदन में निर्वासन मे्ं रह रहे हैं। आज ब्रिटेन और चीन से डॉक्टर्स ढाका पहुंच रहे हैं। वो खालिदा के स्वास्थ्य की जांच कर मेडिकल बोर्ड को अपनी राय देंगे। इसके बाद बोर्ड तय करेगा कि खालिदा का इलाज विदेश में होगा या बांग्लादेश में।

प्रोथोम अलो अखबार की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि अगर विदेश जाने की स्थिति में होगी तो सिंगापुर को प्राथमिकता दी जाएगी। सिंगापुर की ढाका से दूरी काफी कम है। अगर उन्हें वहां ले जाया जाता है तो तारिक रहमान अपनी मां के पास रहने के लिए सिंगापुर जाएंगे। अगर हालात खालिदा को विदेश ले जाने की इजाजत नहीं देते हैं, तो तारिक रहमान बहुत जल्द लंदन से बांग्लादेश के लिए रवाना होंगे।

बीएनपी महासचिव मिर्जा फख़रुल इस्लाम आलमगीर ने मंगलवार शाम लगभग छह बजे फेसबुक पोस्ट में लगभग यही इशारा किया है। इस साल की शुरुआत में जनवरी में खालिदा उच्च इलाज के लिए लंदन गई थीं। प्रोथोम अलो की दूसरी रिपोर्ट के अनुसार, देश के शीर्ष तीन सैन्य अफसर मंगलवार रात करीब नौ बजे ढाका के एवरकेयर अस्पताल में भर्ती खालिदा जिया का हालचाल लेने पहुंचे। उन्होंने मेडिकल बोर्ड के सदस्यों से भी बातचीत की। खालिदा यहां 23 नवंबर से भर्ती हैं। उनकी हालत बेहद नाजुक है।

इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशन के मुताबिक, बांग्लादेश के सैन्य प्रमुख जनरल वकर-उज-जमान, नौसेनाध्यक्ष एडमिरल एम नजमुल हसन, वायुसेना प्रमुख मार्शल हसन महमूद खान ने पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया से मुलाकात की। इस बीच, ब्रिटेन और चीन से दो विशेषज्ञ चिकित्सा दल आज ढाका पहुंचने वाले हैं। दोनों दल एयरपोर्ट से सीधे अस्पताल पहुंचेंगे। इसी दल की रिपोर्ट पर निर्भर होगा कि खालिदा का इलाज विदेश में होगा, या स्वदेश में।

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(Udaipur Kiran) / मुकुंद

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