पलवल में आरक्षित वन से सरसों और गेहूं की अवैध बिजाई की गई नष्ट

पलवल, 17 दिसंबर (Udaipur Kiran) । जिला उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा वन विभाग के पलवल मण्डल की टीम द्वारा सुल्तानपुर स्थित आरक्षित वन में अवैध रूप से की गई सरसों और गेहूं की बिजाई को निशानदेही उपरांत नष्ट कर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुल्तानपुर में यमुना नदी के दोनों तरफ 343 एकड़ में फैला हुआ पलवल जिले का एकमात्र आरक्षित वन है, जहां किसी भी प्रकार का गैर वानिकी कार्य पूर्णतया प्रतिबंधित है। उन्होंने एक्यूआई पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वन संरक्षण और संवर्धन से ही हवा की गुणवत्ता सुधारने में उत्प्रेरक सिद्ध होंगे और ऐसे अतिक्रमण, पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। वन अधिनियमों की उल्लंघना करने वालों के विरुद्ध विभाग द्वारा समय समय पर इसी प्रकार की सख्त कार्यवाही जारी रहेगी।
उपायुक्त ने बताया कि मानसून के उपरांत यमुना का जलस्तर कम होने से रिक्त हुए क्षेत्र में स्थानीय लोगों द्वारा जमीन का अवैध लाभ लेने के लिए सरसों और गेहूं की बिजाई की गई थी। जिला वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उक्त वन क्षेत्र भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत एक आरक्षित वन घोषित है ,जिसमें कई प्रजातियों के पेड़ पौधों के अलावा कई प्रकार के वन्य प्राणी निवास करते है। वन विभाग के अधिकारियों ने वन क्षेत्र की सीमा की निशानदेही उपरांत वन भूमि पर बोई उपज को नष्ट कर दिया है। जिस क्षेत्र में गेहूं की बिजाई की गई थी, उस क्षेत्र में ट्रैक्टर से जुताई कर उपज को नष्ट किया गया तथा सरसों बिजाई क्षेत्र में तीव्र खरपतवार नाशक का छिडक़ाव किया गया। यह सम्पूर्ण कार्रवाई वन राजिक अधिकारी पलवल भारत शर्मा के नेतृत्व में की गई, जिसमें मण्डल की स्टाफ टीम शामिल रही।
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(Udaipur Kiran) / गुरुदत्त गर्ग



