
उदयपुर, 20 अगस्त (Udaipur Kiran). उदयपुर पुलिस ने जमीनों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर आयुष लोढा सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस मामले में पहले ही 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
जिला Superintendent of Police योगेश गोयल के निर्देशन में एस.सी./एस.टी. एक्ट अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था. इसी के तहत थाना प्रतापनगर में दर्ज प्रकरण संख्या 216/2025 के अंतर्गत पुलिस टीम ने बीते चार माह से फरार दो मुख्य अभियुक्त—आयुष लोढा और चेतन शर्मा—को गिरफ्तार कर लिया है.
प्रार्थी दलीचंद ने थाना प्रतापनगर में रिपोर्ट दी थी कि आरोपियों ने खुद की बताकर ढीकली में 6 बीघा जमीन का 2 करोड़ 33 लाख रुपये में सौदा किया. प्रार्थी से 1 करोड़ 19 लाख रुपये अलग-अलग किश्तों में लिए गए और डमी खातेदारों के माध्यम से विक्रय इकरार किया गया. जब प्रार्थी पक्ष मौके पर पहुंचा तो पता चला कि जमीन न तो आरोपियों की थी, न ही किसी को बेची गई थी. आरोपियों ने फर्जी मुख्तियारनामा आम बनवाकर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जमीन बेचकर करोड़ों रुपये हड़प लिए.
इस मामले में पूर्व में छह अभियुक्त—रोशनलाल भील, कल्याण सिंह, राजेन्द्र सिंह देवडा, राजू ननोमा, नारायण लाल और हर्ष आर्य—को गिरफ्तार किया जा चुका है.
मुख्य आरोपी आयुष लोढा चार महीने से फरार था और धोखाधड़ी के बाद गोवा चला गया था. 16 अगस्त को वह अहमदाबाद से उदयपुर लौट रहा था, जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने पीछा कर उसे कार सहित गिरफ्तार कर लिया. दूसरा आरोपी चेतन शर्मा 20 अगस्त को उदयापोल से गिरफ्तार किया गया. दोनों आरोपी फर्जी दस्तावेजों के जरिए एस.सी./एस.टी. वर्ग की जमीनें बेचने के मामलों में शामिल रहे हैं. आयुष लोढा थाना भूपालपुरा का हिस्ट्रीशीटर है.