भारत-ब्राजील ​नौसेनाओं के बीच ​क्षमता निर्माण क्षेत्र​ में सहयोग बढ़ाने पर हुई सहमति

नौसेना प्रमुख ब्राजीलियन नेवी के कमांडर से मुलाकात करते हुए

– नौसेना प्रमुख ने ब्राजीलियन नेवी के कमांडर से वार्ता में कई अहम मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया

New Delhi, 10 दिसंबर (Udaipur Kiran) . ब्राजील के चार दिवसीय दौरे पर गए नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने बुधवार को ब्राजीलियन नेवी के कमांडर एडमिरल मार्कोस सैम्पाइओ ओल्सन से मुलाकात की. भारत-ब्राजील के बीच बढ़ते नौसैनिक सहयोग को मजबूत करने के मकसद से बातचीत हुई, जिसमें ऑपरेशनल जुड़ाव, ट्रेनिंग का आदान-प्रदान, हाइड्रोग्राफिक सहयोग, जानकारी शेयर करने और समुद्री डोमेन के बारे में जागरुकता बढ़ाने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया गया.

​नौसेना के मुताबिक ​​रक्षा उद्योग, प्रौद्योगिकी विकास, नवाचार, सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान और ​दोनों ​नौसेनाओं के बीच ​क्षमता निर्माण क्षेत्र​ में सहयोग बढ़ाने के​ मुद्दों पर भी बातचीत हुई.​ भारत​ और ब्राजील​ के बीच समुद्री साझेदारी मजबूत होने से ​ग्लोबल मैरीटाइम कॉमन्स ग्लोबल साउथ में ​स्थिरता लाने में मिलेगी.​ इस यात्रा का उद्देश्य Indian नौसेना और ब्राजील की नौसेना के बीच मजबूत और बढ़ती समुद्री साझेदारी को सुदृढ़ करना है. यह भारत-ब्राजील व्यापक सामरिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है.

एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी​ 12 दिसंबर तक ब्राजील की आधिकारिक यात्रा पर हैं.​ यात्रा के दौरान​ ​वे ब्राजील के ​रक्षा मंत्री जोस मुसियो, ब्रा​जील सशस्त्र बलों के संयुक्त स्टाफ प्रमुख एडमिरल रेनाटो रोड्रिग्स डी अगुइर फ़्रेयर ​के साथ विचार-विमर्श करेंगे. ​उनकी यह यात्रा द्विपक्षीय समुद्री सहयोग की समीक्षा करने, परिचालन-स्तरीय संबंधों को बढ़ाने और दोनों नौसेनाओं के बीच सहयोग के नए रास्ते तलाशने का ​मौका प्रदान करे​गी.​ इस यात्रा में परिचालन कमांडों के साथ बैठकें, नौसैनिक अड्डों और ब्राजील की नौसेना के शिपयार्डों का दौरा ​भी होगा.

बातचीत के दौरान साझा समुद्री प्राथमिकताओं, नौसैनिक अंतर-संचालन, क्षमता निर्माण और व्यापक दक्षिण-दक्षिण सहयोग सहित बहुपक्षीय ढांचे के भीतर सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.​ नौसेना प्रमुख की यह यात्रा समुद्री सुरक्षा, व्यावसायिक आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में ब्राजील की नौसेना के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए Indian नौसेना की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है. इससे वैश्विक समुद्री क्षेत्र में स्थिरता लाने में योगदान मिलेगा.

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(Udaipur Kiran) / सुनीत निगम

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