

-जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र पर जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में सुनाई खरी-खोटी
न्यूयॉर्क (अमेरिका), 26 सितंबर (Udaipur Kiran News) . भारतीय Foreign Minister एस जयशंकर ने गुरुवार को जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में आतंकवाद पर दोहरे मानदंड अपनाने वाले राष्ट्रों को नसीहत दी. हालांकि उन्होंने इस संदर्भ में किसी का भी नाम नहीं लिया. जयशंकर ने आतंकवाद पर जमकर प्रहार किया. संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के अवसर पर आयोजित इस बैठक की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका ने की.
जयशंकर ने कहा, ” राजनीतिक और आर्थिक रूप से अस्थिर अंतरराष्ट्रीय स्थिति में जी-20 सदस्यों की विशेष जिम्मेदारी है कि वे इसकी स्थिरता को मजबूत करें और इसे और अधिक सकारात्मक दिशा दें.” उन्होंने कहा कि आतंकवाद विकास के लिए सबसे बड़ा खतरा है. दुनिया आतंकवाद के प्रति न तो सहिष्णुता दिखाए और न ही सहयोग दे. जयशंकर ने कहा कि जो लोग किसी भी मोर्चे पर आतंकियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हैं, वे समग्र रूप से अंतरराष्ट्रीय समुदाय की बड़ी सेवा करते हैं.
Foreign Minister जयशंकर ने इसके अलावा ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के एक कार्यक्रम को भी संबोधित किया. उन्होंने कहा कि आज की बदलती दुनिया को ग्लोबल वर्क फोर्स की जरूरत है. कोई इस हकीकत को नकार नहीं सकता कि राष्ट्रीय जनसांख्यिकी के कारण कई देशों में ग्लोबल वर्क फोर्स की मांग पूरी नहीं हो पाती. जयशंकर की यह टिप्पणी व्यापार और टैरिफ चुनौतियों के साथ President डोनाल्ड ट्रंप की इमिग्रेशन पर सख्त रुख के बीच आई है, जिसमें एच-1बी वीजा पर 1,00,000 डॉलर का नया शुल्क शामिल है. Foreign Minister ने कहा कि पिछले तीन-चार साल में दुनिया आपूर्ति शृंखला और उत्पादन के स्रोतों को लेकर चिंतित थी. अब हमें बाजार तक पहुंच की अनिश्चितता से भी खुद को बचाना होगा.
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(Udaipur Kiran) / मुकुंद
