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Thursday, 29 October 2026
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बंगाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान सुनवाई में गड़बड़ी और सुरक्षा चूक को गंभीरता से लेने का निर्देश

मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल

कोलकाता, 15 दिसंबर (Udaipur Kiran) । पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दावों और आपत्तियों पर होने वाली सुनवाई को लेकर निर्वाचन आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने साफ कहा है कि सुनवाई प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता या सुरक्षा में चूक को गंभीरता से लिया जाए और जहां जरूरत हो वहां तत्काल सुधारात्मक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

16 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद दावों और आपत्तियों पर सुनवाई का चरण शुरू होने वाला है। इससे पहले निर्वाचन आयोग ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय को निर्देश दिए हैं कि सुनवाई के दौरान व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित रहे। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि शुरुआत से ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती के पक्ष में वह नहीं है और सुनवाई की सुरक्षा व्यवस्था राज्य पुलिस के भरोसे सुनिश्चित की जाए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यदि सुनवाई के दौरान राज्य पुलिस की ओर से लापरवाही, चाहे जानबूझकर हो या अनजाने में, सामने आती है और उससे सुरक्षा में चूक होती है, तो इस बारे में तुरंत निर्वाचन आयोग को जानकारी दी जाएगी। इसके बाद आयोग आगे की कार्रवाई को लेकर आवश्यक निर्देश जारी करेगा।

इसी तरह आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि सुनवाई में शामिल निर्वाचन अधिकारियों की ओर से यदि कोई जानबूझकर की गई अनियमितता पाई जाती है, तो मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस संदेश को मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के माध्यम से सभी संबंधित अधिकारियों तक स्पष्ट रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्वाचन आयोग ने यह भी तय किया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तीन चरणों में से दूसरे चरण के तहत होने वाली यह सुनवाई केवल जिलाधिकारियों के कार्यालय में ही कराई जाएगी। जिलाधिकारी ही संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी भी होते हैं। आयोग ने साफ कहा है कि किसी भी स्थिति में यह सुनवाई न तो खंड विकास कार्यालयों में होगी और न ही पंचायत कार्यालयों में।

इसके साथ ही आयोग ने सुनवाई की प्रक्रिया का वेब प्रसारण अनिवार्य कर दिया है और इसकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। आयोग के निर्देशों के बाद राज्य के सभी जिलाधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं।

(Udaipur Kiran) / ओम पराशर

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