
जबलपुर, 1 दिसंबर (Udaipur Kiran) . प्रसिद्ध भोजपुरी लेखक, कवि विद्यापति की रचना शिव हो उत्तर पर कवन विधि ना तथा हे हरिहर करियो प्रतिपाला जैसे लोकप्रिय भोजपुरी भजन से ललित कला अकादमी का ऑडोटोरियम गूंज उठा. अवसर था छंद प्रसंग का. भोजपुरी साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद, जबलपुर पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद तथा शासकीय ललित कला महाविद्यालय के तत्वावधान में दो दिवसीय छंद प्रसंग का शुभारंभ Monday को भगवान शिव की वंदना के साथ हुआ.
भोजपुरी को समर्पित छंद प्रसंग में भोजपुरी के शेक्सपीयर माने जाने वाले भिखारी ठाकुर सहित महिंदर मिसिर और विद्यापति की रचनाओं पर गायन किया गया. बनारस घराने के शास्त्रीय तथा भोजपुरी संगीत गायक जयदीप पांडेय (जय) तथा पटना की भोजपुरी गायिका ऋचा चौबे ने सम्मोहक प्रस्तुति दी. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्राचार्य पीएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ अलकेश चतुर्वेदी, विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर एवं संस्कृति विभाग के ओमप्रकाश मैथिल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया.
कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पूजा शुक्ला, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. मनीष कोष्टा, पर्यटन प्रबंधक तरुण मिश्र आदि का सहयोग रहा. मंच संचालन कमल भण्डारी ने किया. कार्यक्रम में भोजपुरी के शेक्सपीयर माने जाने वाले भिखारी ठाकुर की रचना पिया गइले कलकत्व, महेंद्र मिश्रा की रचना आधी आधी रतिया के कुके कोयलिया आदि पर गायन हुआ.
शासकीय ललित कला महाविद्यालय में आयोजित किये जा रहे दो दिवसीय छंद प्रसंग का समापन मंगलवार को कोलकाता की ओडिशी नृत्यांगना मोनालिसा घोष और साथियों की प्रस्तुति के साथ होगा. यह प्रस्तुति भोजपुरी लेखक और कवियों की रचनाओं पर केंद्रित होगी.
—————
(Udaipur Kiran) / विलोक पाठक
