कांजुरमार्ग में प्रदूषण की होगी जांच, स्थापित होगी प्रयोगशाला
मुंबई, 20 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । मुंबई के कांजुरमार्ग डंपिंग ग्राउंड से फैल रही दुर्गंध की लगातार मिल रही शिकायतों को मुंबई मनपा प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। डंपिंग ग्राउंड के प्रदूषण की जांच के लिए एक प्रयोगशाला स्तापित करने का निर्णय लिया गया है। यह कार्य लगभग 13 लाख की लागत से 15 दिन से तीन महीने के भीतर पूरा किया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों ने डंपिंग ग्राउंड से किलोमीटर के दायरे में खांसी, उल्टी, अस्थमा और त्वचा रोग जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायत की हैं। इसके लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया था। यह मामला बॉम्बे हाईकोर्ट तक पहुंच गया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मनपा के ठोस कचरा प्रबंधन विभाग ने दिवाली बाद प्रयोगशाला की नियुक्ति करने का फैसला किया है। लोगों की शिकायतों का वैज्ञानिक तरीके से समाधान किया जाएगा। जांच के तहत 26 स्थानों का निरीक्षण किया जाएगा ताकि दुर्गंध के संभावित स्रोतों की पहचान कर नियंत्रण के उपाय किए जा सकें।
बीएमसी अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण के लिए चुने गए आवासीय क्षेत्रों में कन्नमवार नगर, टैगोर नगर, कांजुरमार्ग (पूर्व), ड्रीम कॉम्प्लेक्स (भांडुप), विक्रोली, घाटकोपर, नाहुर, मुलुंड और ईस्टर्न एक्सप्रेस हायवे के आसपास के इलाके शामिल हैं। संयंत्र परिसर में विश्लेषण के लिए कंपोस्ट संयंत्र, बायोरिएक्टर लैंडफिल और प्री-प्रोसेसिंग यूनिट शामिल हैं। अपशिष्ट प्रसंस्करण स्थल का संचालन करने वाली एंटनी लारा एनवायरो सॉल्यूशन्स कंपनी ने पर्यावरण सेल स्थापित किया है। दुर्गंध की शिकायतें के आधार पर ऑडिट किया जा रहा है।
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(Udaipur Kiran) / वी कुमार



