डांडेसरा में मखाना खेती का शुभारंभ, ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम

डांडेसरा में मखाना खेती के लिए डबरी तैयारी करती हुई महिलाएं.

धमतरी, 12 दिसंबर (Udaipur Kiran) . जिले में ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ बनाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में शुक्रवार को महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई. राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित ग्राम डांडेसरा की छोटी–छोटी डबरियों में स्व–सहायता समूह शैलपुत्री और नई किरण की महिलाओं ने मखाना पौधरोपण की औपचारिक शुरुआत की. नई फसल की शुरुआत से क्षेत्र में उत्साह और उम्मीद का माहौल नजर आया.

महिला समूहों को पहले ही मखाना उत्पादन, प्रबंधन और हार्वेस्टिंग से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है. इस प्रयास से ग्रामीण महिलाओं के लिए नए आय–सृजन के अवसर तैयार होंगे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. कलेक्टर अबिनाश मिश्रा आज डांडेसरा पहुंचे और महिला समूहों का उत्साहवर्धन किया. उन्होंने कहा कि मखाना इस क्षेत्र की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप अत्यंत उपयुक्त फसल है. कलेक्टर ने बताया कि मखाना खेती के लिए दो से तीन फीट पानी पर्याप्त है और फसल छह माह में तैयार हो जाती है. यह धान की तुलना में अधिक लाभकारी है. मखाना पोषण से भरपूर होता है, जिसमें विटामिन, फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और जिंक प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं.

उन्होंने कहा कि धमतरी में मखाना की आधुनिक खेती किसानों और महिला स्व–सहायता समूहों के लिए आय बढ़ाने का नया मार्ग बनेगी. प्रशासन का लक्ष्य है कि मखाना को धान के बेहतर विकल्प के रूप में बड़े पैमाने पर अपनाया जाए. उन्होंने तालाबों को मखाना खेती के अनुकूल बनाने हेतु आवश्यक दिशा–निर्देश भी दिए.उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हाल ही में धमतरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने Chhattisgarh को मखाना बोर्ड में शामिल करने की घोषणा की थी, जिससे मखाना उत्पादन को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा सहयोग मिलेगा. जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम राखी, दरगहन और सरसोंपुरी को पहले ही मखाना खेती के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित किया जा चुका है, जहां उत्पादन प्रगति पर है और हार्वेस्टिंग भी प्रारंभ हो चुकी है.

कार्यक्रम में उप संचालक उद्यानिकी पूजा कश्यप साहू, उप संचालक कृषि मोनेश साहू, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रधान कृषि वैज्ञानिक डॉ. गजेंद्र चंद्राकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे. यह पहल धमतरी जिले को मखाना उत्पादन के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान करेगी.

(Udaipur Kiran) / रोशन सिन्हा

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