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Friday, 30 October 2026
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मप्रः भोपाल एम्स से चोरी खून के मामले में बड़ा खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार

भोपाल एम्स से चोरी खून के मामले में बड़ा खुलासा

– 5800 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से 1150 यूनिट प्लाज्मा का किया गया था सौदा

भोपाल, 15 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (एम्स) से चोरी हो रहे ब्लड प्लाज्मा की अंतरराज्यीय कालाबाजारी का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस जांच में पता चला है कि एक गिरोह ने अब तक 1150 यूनिट प्लाज्मा चोरी कर महाराष्ट्र के नासिक और औरंगाबाद में स्थित दो निजी लैब को बेचा है। आरोपियों ने 5800 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से प्लाज्मा बेचा है। इन लैब में प्लाज्मा का उपयोग कर बायो मेडिकल दवाएं बनाई जा रही थीं।

भोपाल जोन-2 क्षेत्र के एडिशनल डीसीपी गौतम सोलंकी ने बुधवार देर शाम एक पत्रकार वार्ता में पूरे मामले का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि मामले में पुलिस ने 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 1123 यूनिट प्लाज्मा बरामद किया गया है, जिसकी कुल कीमत 11.72 लाख रुपये बताई गई है।

गौरतलब है कि भोपाल एम्स के प्रभारी सुरक्षा अधिकारी ज्ञानेंद्र प्रसाद ने गत 29 सितंबर को एम्स ब्लड बैंक में खून चोरी की घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज कराने आवेदन दिया था। जिसकी जांच के दौरान इंचार्ज डॉक्टर प्रतूल सिन्हा के बयान दर्ज किए गए। डॉक्टर प्रतूल सिन्हा के बयान और आवेदन पत्र के आधार पर आरोपी अंकित केलकर व एक अन्य के खिलाफ अपराध धारा 305(ए) बीएनएस का कायम कर विवेचना में लिया था।

एडिशनल डीसीपी सोलंकी ने बताया कि पुलिस ने शंका के आधार पर आरोपित एम्स ब्लड बैंक के आउटसोर्स कर्मचारी अंकित केलकर को हिरासत में लिया है। उसे कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया। उससे चोरी गए एफएफपी प्लाज्मा के संबंध में पूछताछ की गई। जिसमें आरोपी ने अपने पूर्व के साथी अमित जाटव और लक्की पाठक के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना बताया है। आरोपी अंकित केलकर, अमित जाटव और लक्की पाठक एक-दूसरे से लाइव सेवर ब्लड बैंक भोपाल से परिचित थे।

उन्होंने बताया कि अंकित केलकर की कंपनी का 30 सितंबर को टेंडर खत्म हो रहा था। जिसके चलते आरोपितों ने एम्स भोपाल की ब्लड बैंक से प्लाज्मा चोरी करने की प्लानिंग बनाई। पूछताछ में उन्होंने 18 से 27 सितंबर 2025 के बीच 1150 एफएफपी प्लाज्मा के पैकेट चोरी करना स्वीकार किया है। आरोपित लक्की पाठक और उसके भाई दीपक पाठक ने चोरी गए प्लाजमा को नासिक के रहने वाले श्याम बड़गूजर और औरंगाबाद के करन चव्हाण को 5800 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बेचा था। श्याम बड़गूजर इंदौर के नंदानगर में थैलीसीमिया ब्लड बैंक और करण चव्हाण औरंगाबाद में सहयाद्री ब्लड बैंक और सिरपुर महाराष्ट्र स्वर्गीय मुकेश भाई पटेल ब्लड बैंक संचालित करते हैं। चोरी किए गए प्लाज्मा को फार्मा कंपनियों को बेचने की फिराक में थे लेकिन इससे पहले ही गिरफ्तार कर लिए गए।

उन्होंने बताया कि मामले में जिन छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें अंकित (26) पुत्र अजबलाल केलकर निवासी राजभवन के करीब अरेरा हिल्स भोपाल, अमित (25) पुत्र कमल सिंह जाटव निवासी शिवाजी नगर बरखेड़ा पठानी, गोविंदपुरा भोपाल, लक्की (30) पुत्र देवीप्रसाद पाठक निवासी गणेश कालोनी बरखेड़ी कला रातीबड़ जिला भोपाल, दीपक (35) पुत्र देवीप्रसाद पाठक निवासी पटेल कालेज के सामने रातीबड जिला भोपाल, श्याम (27) पुत्र सुभाष बडगुजर निवासी त्रिमूर्ति चौक हनुमान मंदिर के पास, थाना अम्बड, जिला सिडकू नासिक महाराष्ट्र, हाल पता थैलीसीमिया ब्लड बैंक नंदा नगर इंदौर और करण (25) पुत्र सोमनाथ चव्हाण निवासी ग्राम मोगरा माझल गांव थाना दिनद्रूड़ जिला बीड महाराष्ट्र हाल पता गली नंबर 1 हनुमान नगर छत्रपती संभाजी नगर औरगांबाद महाराष्ट्र शामिल हैं।

(Udaipur Kiran) तोमर

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