मध्य प्रदेश पुलिस ने की मासूमों की सकुशल बरामदगी में त्वरित कार्रवाई

Madhya Pradesh पुलिस ने की मासूमों की सकुशल बरामदगी में त्वरित कार्रवाई

– विदिशा, सागर और ग्वालियर पुलिस ने अपहृत बच्चों को सुरक्षित दस्‍तयाब कर परिवार से मिलाया

भोपाल, 11 दिसम्बर (Udaipur Kiran) . Madhya Pradesh पुलिस ने एक बार फिर त्वरित, प्रभावी और संवेदनशील कार्रवाई का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है. प्रदेश के तीन जिलों विदिशा, ग्वालियर और सागर में अपहरण एवं गुमशुदगी से जुड़े तीन महत्वपूर्ण मामलों में पुलिस ने अद्भुत दक्षता और मानवीय संवेदना का परिचय दिया. दो अपहरण मामलों में मासूम बच्चों को रिकॉर्ड समय में सुरक्षित बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, वहीं सागर में पुलिस की संवेदनशील पहल से 17 वर्ष बाद गुमशुदा बालिका अपने परिवार से पुनः मिल सकी.

विदिशा पुलिस की बड़ी सफलता : 235 से अधिक सीसीटीवी फुटेज से 48 घंटे में 3 वर्षीय मासूम बरामद

भोपाल पुलिस मुख्‍यालय से गुरुवार काे मिली जानकारी के अनुसार, थाना कोतवाली क्षेत्र से तीन वर्षीय बालिका के अपहरण की सूचना मिलने पर Superintendent of Police रोहित काशवानी के निर्देशन में “ऑपरेशन मुस्कान” के अंतर्गत 8 टीमों का गठन किया गया. इन टीमों ने 235 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण, 135 से अधिक लोगों से पूछताछ तथा कई इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया. जिसके परिणामस्‍वरूप ऑटो चालक बृजेश कुशवाहा की पहचान हुई, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुँची. अभियुक्त अर्जुन सिंह पाल, हरिबाई, रवि पाल और जितेंद्र पाल ने बच्ची को सौदे के उद्देश्य से अपहरण करने की बात स्वीकार की. पुलिस ने बच्ची को सकुशल बरामद कर परिवार को सौंपा.

ग्वालियर पुलिस की त्वरित कार्यवाही, डेढ़ वर्षीय बच्चा सुरक्षित बरामद

थाना बहोड़ापुर क्षेत्र से डेढ़ वर्षीय रोहित के गुम होने की सूचना पर वरिष्ठ Superintendent of Police धर्मवीर सिंह के निर्देशन में त्वरित खोजबीन प्रारंभ की गई. पुलिस टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और सतत सर्च अभियान चलाया. मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने नागदेवता मंदिर, ट्रांसपोर्ट नगर से एक महिला को पकड़ा जो बच्चा लेकर घूम रही थी. महिला ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने बच्चा न होने के कारण उसे उठा लिया था. पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया.

सागर जिला : 17 वर्ष बाद गुमशुदा बालिका को परिवार से मिलाया

11 फरवरी 2008 को चौकी मंडीबामोरा क्षेत्र से 10 वर्षीय बालिका लापता हुई थी. वर्षों तक खोजबीन जारी रहने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला. हाल ही में इंस्टाग्राम रील देखते समय उस बालिका, जो अब बालिग है, ने मंडीबामोरा रेलवे स्टेशन का नाम देखा और उसे अपना गृहक्षेत्र याद आ गया. उसने तत्काल अपने पति संग पुलिस चौकी से संपर्क किया. पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसके परिवार को बुलाया. बेटी अपने माता-पिता को तुरंत नहीं पहचान पाई, लेकिन पिता ने उसके माथे पर पुराने घाव के निशान से पहचान लिया. परिवार ने पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “यह हमारे जीवन का सबसे सुखद पल है. ये सभी उदाहरण न केवल प्रदेश पुलिस की दक्षता दर्शाते हैं, बल्कि समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ करते हैं.

(Udaipur Kiran) / उम्मेद सिंह रावत

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