मध्य प्रदेश पुलिस की डायल-112 की संवेदनशील एवं त्वरित कार्यवाही

डायल-112

– तीन अलग-अलग घटनाओं के दौरान आत्महत्या का प्रयास कर रहे व्यक्तियों को समय रहते बचाया

भोपाल, 05 दिसम्बर (Udaipur Kiran) . Madhya Pradesh में डायल-112 की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली लगातार आम जन की सुरक्षा और जीवन रक्षा में प्रभावी भूमिका निभा रही है. बीते दिनों रायसेन, देवास और छिंदवाड़ा जिलों में तीन अलग-अलग घटनाओं के दौरान आत्महत्या का प्रयास कर रहे व्यक्तियों को समय रहते बचाने में डायल-112 के पुलिसकर्मियों ने तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीयता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया.

पुलिस मुख्यालय द्वारा शुक्रवार को जानकारी दी गई कि रायसेन जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र में मखनी गाँव में एक 35 वर्षीय व्यक्ति द्वारा स्वयं को कमरे में बंद कर आत्महत्या के उद्देश्‍य से फाँसी लगाने का प्रयास कर रहा था. जिसकी सूचना राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, डायल-112 भोपाल में प्राप्त हुई. सूचना मिलते ही डायल-112 वाहन घटना स्थल के लिए रवाना हुआ. आरक्षक संजय श्रीवास्तव एवं पायलेट रोहित कुमार ने मौके पर पहुँचकर स्थानीय लोगों की मदद से गेट तोड़ कर पीड़ित व्यक्ति को तत्काल फंदे से उतारा. डायल 112 जवानों ने पीड़ित व्यक्ति को एफआरव्ही वाहन से लेकर तत्काल जिला शासकीय चिकित्सालय रायसेन में भर्ती करवाया.

पुलिस मुख्यालय द्वारा बताया गया कि दूसरी घटना देवास जिले के थाना भौंरासा क्षेत्र की है, जहाँ एक 21 वर्षीय महिला ने पारिवारिक विवाद के चलते आत्महत्या का प्रयास किया. यह सूचना प्राप्त होते ही आरक्षक अरुण रावत और पायलट अनुराग चौधरी मौके पर पहुँचे. उन्होंने समझाइश, संवाद और संवेदनशील व्यवहार के माध्यम से महिला को आत्मघाती कदम उठाने से रोका और उसे सुरक्षित थाना भौंरासा लाया गया.

तीसरी घटना छिंदवाड़ा जिले के थाना अमरवाड़ा क्षेत्र में हुई, जहाँ 24 वर्षीय युवक ने अज्ञात कारणों से जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था. सूचना प्राप्त होते ही सैनिक गेंदालाल यादव एवं पायलट उमेश पुरी गोस्वामी ने युवक को तुरंत सिविल अस्पताल अमरवाड़ा पहुँचाकर उपचार शुरू कराया. युवक का इलाज जारी है.

डायल-112 की इन लगातार त्वरित और प्रभावी कार्रवाइयों ने यह सिद्ध किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस की यह सेवा आपात पुलिस सहायता के साधन के साथ मानव जीवन की रक्षा करने वाली ‘जीवन-रेखा’ बनती जा रही है. Madhya Pradesh पुलिस सभी नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव, अवसाद या संकट की स्थिति में स्वयं को नुकसान पहुँचाने के बजाय सहायता के लिए पुलिस या अपने निकटवर्ती लोगों से संपर्क करें.

(Udaipur Kiran) तोमर

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