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Friday, 30 October 2026
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अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर ममता बनर्जी ने गिनाईं उपलब्धियां, कहा- हमारी सरकार ने किया अभूतपूर्व काम

ममता बनर्जी: फाइल फोटो

कोलकाता, 18 दिसंबर (Udaipur Kiran) ।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय के विकास के लिए अपनी सरकार द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक विकास में उनकी सरकार ने अभूतपूर्व काम किया है और कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अल्पसंख्यक विभाग के योजना बजट में 10 गुना से अधिक की वृद्धि की गई है। 2010-11 में जो बजट 472 करोड़ रुपये था, वह 2025-26 में बढ़कर 5,602 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

ममता बनर्जी ने दावा किया कि अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के मामले में बंगाल देश में नंबर वन है। अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं के लिए राज्य सरकार के खर्च पर ऐक्यश्री छात्रवृत्ति शुरू की गई है। 2011 से अब तक लगभग 10,208 करोड़ रुपये खर्च करके 4 करोड़ 85 लाख अल्पसंख्यक छात्रवृत्तियां प्रदान की गई हैं।

देश के भीतर या बाहर उच्च शिक्षा के लिए अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को 30 लाख रुपये तक का शैक्षणिक ऋण दिया जा रहा है। पिछले लगभग 15 वर्षों में करीब 40 हजार अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को लगभग 327 करोड़ रुपये का शैक्षणिक ऋण दिया गया है। इसके अलावा, छात्र क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी उपलब्ध है। अल्पसंख्यक सहित अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए मेधाश्री परियोजना शुरू की गई है।

2011 से अब तक अल्पसंख्यक युवक-युवतियों और स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य से 16 लाख 31 हजार लाभार्थियों को 3,926 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया है।

ममता बनर्जी ने बताया कि बहु-क्षेत्रीय विकास परियोजना के तहत साढ़े 4 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च करके अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में लगभग 2 लाख बुनियादी ढांचों का निर्माण किया गया है।

अल्पसंख्यक निराश्रित महिलाओं के गृह निर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये स्वीकृत किए जा रहे हैं। अब तक 2 लाख 60 हजार 27 लोगों को 2,456 करोड़ रुपये से अधिक दिए गए हैं

मुख्यमंत्री ने बताया कि 14 जिलों में अंग्रेजी माध्यम मॉडल मदरसे स्थापित किए जा रहे हैं। 38 एकीकृत अंग्रेजी माध्यम विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। 366 और मदरसों को गैर-अनुदानित मदरसे के रूप में मान्यता दी गई है। मदरसा सेवा आयोग के माध्यम से मदरसों में शिक्षक और शैक्षिक कर्मचारी नियुक्त किए जा रहे हैं। जहां 10 प्रतिशत से अधिक उर्दू भाषी लोग हैं, वहां उर्दू को सरकारी भाषा का दर्जा दिया गया है। इस्लामपुर और आसनसोल में उर्दू अकादमी क्षेत्रीय केंद्र शुरू किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि लगभग 69 हजार इमाम और मोअज्जिन राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं।अल्पसंख्यक विकास परिषद और अल्पसंख्यक कौशल विकास बोर्ड का गठन किया गया है। मुर्शिदाबाद में अल्पसंख्यक सांस्कृतिक विकास केंद्र बनाया जा रहा है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी को अल्पसंख्यक अधिकार दिवस की शुभकामनाएं दी हैं।

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(Udaipur Kiran) / धनंजय पाण्डेय

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