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Thursday, 29 October 2026
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हिंदी भाषियों के खिलाफ दिए बयान पर ममता ने दी सफाई, कहा-मेरी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया

ममता

कोलकाता, 17 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि भवानीपुर में दिए गए उनके ‘बाहरी लोगों’ वाले बयान की गलत व्याख्या की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने ‘बाहरी’ शब्द किसी समुदाय या क्षेत्र के निवासियों के लिए नहीं, बल्कि एक विशेष राजनीतिक दल के संदर्भ में कहा था, जो चुनाव के दौरान बाहरी लोगों को लाकर मतदाता सूची में नाम जोड़ने की कोशिश करता है।

मुख्यमंत्री ने यह बयान शुक्रवार शाम कोलकाता के गिरीश पार्क में कालीपूजा के उद्घाटन समारोह के दौरान दिया। उन्होंने कहा, “मेरी बात का अर्थ गलत निकाला जा रहा है। मैंने यहां रहने वाले किसी व्यक्ति के लिए ‘बाहरी’ शब्द का प्रयोग नहीं किया। मेरा इशारा उस राजनीतिक दल की ओर था जो चुनाव के समय बाहर से लोगों को लाकर हमारे वोटरों के नाम के पास नाम जोड़ता है, ताकि हमारे अपने मतदाता वोट न दे सकें।”

ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान कई बाहरी लोग होटल और गेस्ट हाउस किराए पर लेकर भवानीपुर में ठहरते हैं, जबकि कुछ पैसे वाले लोग फ्लैट खरीदकर अस्थायी रूप से बस जाते हैं। उन्होंने सवाल किया, “एक ही व्यक्ति का नाम दो जगहों की मतदाता सूची में कैसे हो सकता है?”

गौरतलब है कि, मंगलवार को भवानीपुर में तृणमूल कांग्रेस की विजय सम्मेलन सभा आयोजित हुई थी, जिसमें ममता बनर्जी दार्जिलिंग में होने के कारण स्वयं उपस्थित नहीं थीं। उन्होंने फोन के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया था कि “भवानीपुर को पूरी तरह बाहरी लोगों से भर दिया जा रहा है।” उनके इस बयान को भाजपा ने बड़े पैमाने पर शेयर किया था और इसे भवानीपुर में रहने वाले बड़ी संख्या में हिंदी भाषी और गुजराती समुदाय के लोगों के खिलाफ माना जा रहा है।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने इस बयान की व्याख्या करते हुए कहा कि उस दिन वे अपने पार्षदों को डांट रही थीं। उन्होंने कहा, “मैं अपने पार्षदों से कह रही थी कि गरीबों की झुग्गियों को जबरन न तोड़ा जाए। गरीबों का रहना अपराध नहीं है। लेकिन अगर कोई जमीन खरीदकर गरीबों को हटा देता है, तो यह गलत है। हमें बंगाल आवास योजना के तहत गरीबों को घर देने में कोई आपत्ति नहीं है।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि “यहां के निवासी मेरे अपने हैं। मैं उन्हें प्यार करती हूं, उनके कार्यक्रमों में शामिल होती हूं।” उन्होंने पार्षदों को चेताया कि शहर में नालों की सफाई और जल निकासी की स्थिति पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि हाल में बारिश के बाद कई बहुमंजिला इमारतों में पानी घुस गया था। ————————

(Udaipur Kiran) / ओम पराशर

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