
कोलकाता, 08 दिसंबर (Udaipur Kiran) . ब्रिगेड मैदान में sunday को हुए ‘पांच लाख कंठ में गीता पाठ’ कार्यक्रम में Chief Minister ममता बनर्जी को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन उनके शामिल न होने पर विपक्ष ने सवाल उठाए थे. Monday उत्तर बंगाल रवाना होने से पहले ममता बनर्जी ने इस पर साफ जवाब दिया. उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम यदि निष्पक्ष होता तो वह ज़रूर जातीं, लेकिन जहां Indian जनता पार्टी की प्रत्यक्ष मौजूदगी हो, वहां जाना संभव नहीं.
ममता बनर्जी ने कहा कि वह सभी धर्मों और सभी समुदायों का सम्मान करती हैं, लेकिन उनकी अपनी राजनीतिक विचारधारा है, और उसी के आधार पर वह तय करती हैं कि कहां जाना उचित है. उनका कहना था कि ब्रिगेड का कार्यक्रम पूरी तरह भाजपा के प्रभाव में था और ऐसे समारोह में उनकी उपस्थिति उचित नहीं होती.
sunday के कार्यक्रम में साधु-संतों के साथ बड़ी संख्या में आम लोगों की भागीदारी भी दिखी. मंच और मैदान में राज्यपाल समेत बीजेपी के शीर्ष नेता मौजूद थे. हालांकि कहीं भी दल का झंडा नहीं लगाया गया था, लेकिन मैदान के विभिन्न हिस्सों में पार्टी नेताओं की मौजूदगी साफ दिख रही थी. राज्य अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य, विधानसभा में विरोधी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी, केंद्रीय राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार और दिलीप घोष सहित कई नेता मौजूद रहे.
दूसरी ओर, निलंबित विधायक हुमायूं कबीर जिस तरह बाबरी मस्जिद को लेकर विवादित बयान दे रहे हैं, उस माहौल के बीच कई राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि ब्रिगेड का यह मंच हिंदू एकता को मजबूत दिखाने की भाजपा की कोशिश का हिस्सा था.
Chief Minister ने कहा कि जो लोग नेताजी का अपमान करते हैं और गांधीजी को नहीं मानते, उनके बीच वह नहीं जा सकतीं. उनके अनुसार, बंगाल की मिट्टी ने उन्हें यह सीख दी ही नहीं कि वह अपने विचारों और मूल्यों से समझौता करें.
(Udaipur Kiran) / ओम पराशर
