
मथुरा, 10 दिसम्बर(Udaipur Kiran) . महिलाओं की उम्र और शादी को लेकर दिए गए विवादित बयान के चलते कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज की कानूनी परेशानी बढ़ गई है. मथुरा के सीजेएम न्यायालय ने बुधवार उनके खिलाफ दाखिल याचिका पर परिवाद दर्ज करने के आदेश दिए हैं. अब इस मामले में न्यायालय स्वयं जांच कराएगा. बताया जा रहा है कि अनिरुद्धाचार्य महाराज ने करीब चार महीने पहले अपने एक प्रवचन में महिलाओं की शादी की उम्र को लेकर ऐसा बयान दिया था, जिससे महिलाओं की गरिमा आहत होने का आरोप लगा है.
आगरा की अखिल भारत हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने इस बयान को लेकर मथुरा सीजेएम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, उन्होंने कहा कि जुलाई 2025 में जब वह बांके Biharी जी के दर्शन करने आई थीं, तभी उन्होंने अपने मोबाइल पर अनिरुद्धाचार्य महाराज का बयान सुना, जिसमें उन्होंने कहा था कि “आजकल लड़कियों की शादी 25 वर्ष में होती है, तब तक वे चार जगह मुंह मार चुकी होती हैं. ” मीरा राठौर ने इसे महिलाओं का अपमान बताते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी. शुरुआत में यह शिकायत थाना वृंदावन कोतवाली में भी दी गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया. इसके बाद शिकायतकर्ता ने सीधे अदालत का रुख किया. कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई की और आरोपों को प्रथमदृष्टया गंभीर मानते हुए कथावाचक के खिलाफ परिवाद दर्ज करने के निर्देश दिए. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 1 जनवरी 2026 के लिए तय की है. इस तारीख को याचिकाकर्ता के बयान दर्ज किए जाएंगे. परिवाद दर्ज होने के बाद अनिरुद्धाचार्य महाराज की कानूनी मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है. यह मामला अब सीधे अदालत की निगरानी में आगे बढ़ेगा, जिससे कथावाचक को आने वाले समय में बड़ी कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है.
(Udaipur Kiran) / महेश कुमार
