राजस्थान की धरती के नीचे छिपे खनिज भंडार में देश को आत्मनिर्भर बनाने की क्षमता : अनिल अग्रवाल

वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल
प्रवासी राजस्‍थानी दिवस समारोह

जयपुर, 10 दिसंबर (Udaipur Kiran) . वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि आज Rajasthan विकास की उस गति से आगे बढ़ रहा है कि जयपुर और दिल्ली के बीच अब कोई अंतर शेष नहीं रहा. उन्होंने धरती के नीचे छिपी Rajasthan की अनंत संपदाओं का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि हिंदुस्तान जिंक और केयर्न एनर्जी जैसे उद्योगों ने न केवल चांदी, तेल, गैस और खनिज संपदा की अपार क्षमता को उजागर किया है, बल्कि लाखों लोगों को रोजगार भी दिया है. उन्होंने कहा कि Rajasthan की धरती के नीचे छिपा खनिज भंडार पूरे देश को ऊर्जा, धातु और प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की क्षमता रखता है.

अग्रवाल बुधवार को जयपुर के जेईसीसी सभागार में प्रदेश के पहले प्रवासी Rajasthanी दिवस-2025 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे.अग्रवाल ने कहा कि Chief Minister के नेतृत्व में Rajasthan में सिंगल विंडो क्लीयरेंस और सेल्फ-सर्टिफिकेशन जैसी व्यवस्थाओं ने उद्योग स्थापित करना बेहद सरल बना दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य में व्यवसाय करना अन्य जगहों की तुलना में आसान और सुविधाजनक है. उन्होंने Rajasthan में देश का सबसे बड़ा फर्टिलाइजर प्लांट लगाने का वादा करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा और पीले से हरे Rajasthan के निर्माण का सपना साकार होगा.

समारोह को संबोधित करते हुए टाटा पावर के सीईओ एवं एमडी प्रवीर सिन्हा ने कहा कि Rajasthan की धरती में सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने बताया कि राज्य में 800 गीगावाट सौर और 200 गीगावाट पवन ऊर्जा उत्पादन की क्षमता मौजूद है, जिसे सही दिशा में विकसित किया जाए तो Rajasthan स्वच्छ ऊर्जा का ‘सोना’ पैदा कर पूरे देश को ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है.

सिन्हा ने कहा कि टाटा पावर का Rajasthan से पुराना और बहुत गहरा संबंध रहा है. कंपनी ने राज्य में ऊर्जा उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण तीनों ही क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि भविष्य में भी टाटा पावर Rajasthan के साथ मजबूती से काम करता रहेगा तथा राज्य के हरित ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने में अहम भागीदार बना रहेगा. उन्होंने कहा कि Rajasthan में औद्योगिक विकास के लिए सशक्त वातावरण और बेहतर इकोसिस्टम तेजी से तैयार हो रहा है.

नौ प्रवासी विभूतियों को प्रवासी Rajasthanी सम्मान

कार्यक्रम में देश-विदेश में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने पर प्रवासी Rajasthanियों अनिल अग्रवाल, कुमार मंगलम बिड़ला, विनीत मित्तल, अजय पीरामल, माधव सिंघानिया, पूनमचंद राठी, नरसी कुलरिया, सी.एम. मूंदड़ा और प्रदीप राठौड़ को ‘प्रवासी Rajasthanी सम्मान’ से सम्मानित किया गया.

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(Udaipur Kiran) / संदीप

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