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Saturday, 31 October 2026
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दिल्ली में मोबाइल स्नैचर्स गैंग का भंडाफोड़, 103 मोबाइल बरामद

पुलिस का लोगो

नई दिल्ली, 5 दिसंबर (Udaipur Kiran) । उत्तर पश्चिम जिले के अशोक विहार थाना पुलिस ने एक झपटमार व रिसीवर को गिरफ्तार किया है। आरोपित झपटमारी के फोन अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए नेपाल भी भेजता था। गैंग के दो मुख्य आरोपित किशन उर्फ किशोर उर्फ गोलू और मोहित उर्फ बादशाह के साथ दो अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 103 चोरी/छीने गए मोबाइल फोन, एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है।

उत्तर पश्चिमी जिले के पुलिस उपायुक्त भीष्म सिंह ने शुक्रवार को बताया कि एक दिसंबर को फैक्ट्री में गार्ड का काम कर रहे गणेश दुबे का मोबाइल दो बदमाशों ने ब्लैक पल्सर बाइक पर आकर छीन लिया। शिकायत मिलते ही अशोक विहार थाने की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय जानकारी के आधार पर पुलिस ने पहले आरोपित किशन उर्फ गोलू को दबोचा। उसके कब्जे से देशी कट्टा, कारतूस और झपटा हुआ फोन बरामद हुआ। किशन के घर की तलाशी में 40 और मोबाइल फोन मिले। बाइक भी चोरी की निकली, जो कि केशवपुरम थाना क्षेत्र से गायब थी। इसके बाद किशन की निशानदेही पर पुलिस ने चार दिसंबर को उसके साथी मोहित उर्फ बादशाह को गिरफ्तार किया। मोहित के पास से भी एक चोरी का मोबाइल मिला। पूछताछ में पता चला कि दोनों फोन रोहित और अमित नामक रिसीवर को सप्लाई करते थे। उसी दिन पुलिस ने रोहित को भी दबोच लिया। उसकी और अमित की झुग्गी से 61 मोबाइल बरामद हुए।

गैंग कैसे चलता था

आरोपित पैदल चल रहे लोगों, मजदूरों व फैक्ट्री कर्मियों को निशाना बनाते थे। पुलिस की आंख में धूल झोंकने लिए चोरी की बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाते थे। जांच में पता चला है कि चोरी किए गए मोबाइल में अक्सर मिलने वाले आसान पैटर्न/पिन—जैसे सीधी लाइन, L, Z, M, N शेप या 1234 जैसे नंबर का अंदाजा लगाकर फोन अनलॉक करते। अनलॉक होने पर यूपीआई, ई-वॉलेट,एसएमएस, बैंकिंग ऐप्स और ईमेल तक पहुंचकर लाखों के अनधिकृत लेनदेन कर डालते। बाद में मोबाइल को रोहित-अमित जैसे रिसीवर को देते, जहां से यह फोन नेपाल भेजे जाते थे। नेपाल में आईएमईआई बदलने व फ्लैशिंग के बाद इन्हें बेचा जाता था।

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(Udaipur Kiran) / कुमार अश्वनी

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