
New Delhi, 05 दिसंबर (Udaipur Kiran) . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूस के President व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान कहा कि भारत और रूस अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए संकल्पबद्ध हैं. President पुतिन के साथ वार्ता की शुरुआत में मोदी ने कहा कि दोनों देश अपने आर्थिक संबंधों और मजबूत बनायेंगे तथा वे संबंधों को लेकर बहुत आशांवित हैं.
प्रधानमंत्री मोदी और रूस के President व्लादिमीर पुतिन ने हैदराबाद हाउस में दो-तरफ़ा बातचीत की. प्रधानमंत्री मोदी ने 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए हैदराबाद हाउस पहुंचने पर President व्लादिमीर पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया. विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव शक्तिकांत दास और दूसरे बड़े अधिकारी मौजूद थे.
बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया वैश्विक महामारी कोविड 19 के बाद से विभिन्न संकटों से जूझ रही है. उन्हें आशा है कि दुनिया शीघ्र ही इन चुनौतियों से मुक्त होगी. विश्व समुदाय प्रगति की ओर सही रास्ते पर आगे बढ़ेगा तथा सहयोग का रास्ता अपनाएगा. President पुतिन को सच्चा मित्र और यूक्रेन संघर्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत शांति के पक्ष में है. भारत ने हमेशा शांति का पक्ष लिया है.
उन्होंने कहा कि President पुतिन ने समय-समय पर यूक्रेन के घटनाक्रम से अवगत कराया है. यूक्रेन संकट शुरु होने के बाद से ही दोनों देशों की बीच संपर्क बना हुआ है. एक मित्र के रूप में पुतिन ने उन्हें जानकारी दी है. यह विश्वास बहुत मायने रखता है. प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि विश्व में पुनःशांति कायम होगी. उन्होंने कहा कि शांति के जरिए ही विश्व कल्याण सुनिश्चित हो सकता है. हमें आपस में मिलकर शांति के रास्ते पर चलना चाहिए. हाल के दिनों के घटनाक्रम से उन्हें विश्वास है कि दुनिया शांति पर लौटेगी.
President पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष का समाधान तलाशने में प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों के लिए उनका धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि इस संकट के समाधान के लिए रूस अमेरिका और अन्य सहयोगी देशों के साथ मिलकर प्रयासरत हैं. समाधान के लिए भारत के पक्ष को सम्मान देते हैं. उन्होंने कहा कि यूक्रेन संकट की जड़े इतिहास में है. महत्व शब्दों का नहीं बल्कि वास्तविक ठोस उपायों का है.
वार्ता से पहले President पुतिन राजघाट गए जहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए. President पुतिन ने अपने संदेश में लिखा कि महात्मा गांधी का दुनिया में शांति के लिए योगदान भुलाया नहीं जा सकता. उन्होंने बहुध्रुवीय विश्व की कल्पना की थी जो अब आकार ले रहा है. लियो टॉल्स्टॉय को लिखे अपने पत्रों में उन्होंने एक ऐसी दुनिया के भविष्य के बारे में विस्तार से सोचा जो तानाशाही और दबदबे से मुक्त हो और जो देशों के बीच समानता, आपसी सम्मान और सहयोग के सिद्धांतों पर आधारित हो. ये वही सिद्धांत और मूल्य हैं, जिन्हें रूस और भारत आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिलकर बनाए रखते हैं. रूसी President का आज नई दिल्ली में President भवन के प्रांगण में President द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने औपचारिक स्वागत किया.
President पुतिन कल नई दिल्ली पहुंचे थे, जहां प्रधानमंत्री ने उनका एयरपोर्ट में स्वागत किया था. इसके बाद एक साक्षात्कार में President व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि भारत और रूस के बीच सहयोग न सिर्फ द्विपक्षीय संबंध मजबूत करता है, बल्कि वैश्विक स्थिरता की नींव भी तैयार करता है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिवर्तनों या यूक्रेन संकट जैसे हालात का भारत-रूस ऊर्जा सहयोग पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है. तेल व्यापार और रिफाइनिंग सुचारु रूप से जारी है, और रूसी कंपनियां Indian भागीदारों को भरोसेमंद मानती हैं. पुतिन ने यह भी उल्लेख किया कि जब अमेरिका रूस से परमाणु ईंधन खरीद सकता है, तो भारत को इस अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए और इस पर President ट्रंप से बातचीत की जा सकती है.
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(Udaipur Kiran) / अनूप शर्मा
