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Saturday, 31 October 2026
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मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया

तेहरान, 4 मार्च: एक नई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। ईरान इंटरनेशनल ने जानकार सूत्रों के हवाले से बताया कि “एक्सपर्ट्स की असेंबली ने अली खामेनेई के बेटे मोजतबा को अगला सुप्रीम लीडर चुना है।”

बताया जा रहा है कि 56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई अब देश के सबसे बड़े नेतृत्व पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह अली खामेनेई के दूसरे सबसे बड़े बेटे हैं और कई वर्षों से विश्लेषकों और जानकारों के बीच उन्हें संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा था।

हालांकि, उनका सर्वोच्च नेता बनना राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है। इसकी वजह यह है कि कुछ ही दिन पहले अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में उनके पिता अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इन हमलों के बाद पूरे मध्य पूर्व में तनाव और टकराव बढ़ गया है।

ईरान का इस्लामी गणराज्य हमेशा से खुद को वंशानुगत राजतंत्र के खिलाफ एक वैचारिक विकल्प के रूप में पेश करता रहा है। ऐसे में अगर पिता के बाद बेटा सत्ता संभालता है, तो इससे व्यवस्था के सिद्धांतों पर सवाल उठ सकते हैं।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के धार्मिक नेताओं पर मोजतबा के समर्थन के लिए काफी दबाव डाला। आईआरजीसी ने बैठक में मौजूद मौलवियों पर जोर देकर कहा कि वे मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुनें।

ईरान में सर्वोच्च नेता का पद सबसे शक्तिशाली माना जाता है। इस पद पर बैठे व्यक्ति के पास देश के सभी अहम मामलों पर अंतिम अधिकार होता है। सर्वोच्च नेता ही सेना का प्रमुख होता है और शक्तिशाली रिवोल्यूशनरी गार्ड की भी निगरानी करता है। अमेरिका ने 2019 में इस संगठन को आतंकवादी संगठन घोषित किया था।

अली खामेनेई के लंबे कार्यकाल के दौरान रिवोल्यूशनरी गार्ड ने ईरान की राजनीति, सेना और अर्थव्यवस्था में अपना प्रभाव काफी बढ़ा लिया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मोजतबा खामेनेई के रिवोल्यूशनरी गार्ड के साथ करीबी संबंध हैं और माना जाता है कि वह लंबे समय से पर्दे के पीछे रहकर काफी प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं।

कहा जाता है कि व्यवहार में वह पहले से ही सर्वोच्च नेता के दफ्तर के कामकाज को संभालते रहे हैं। कई विश्लेषक उन्हें ईरान की सत्ता व्यवस्था के प्रमुख शक्ति केंद्रों में से एक मानते हैं।

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