
जयपुर, 8 दिसंबर (Udaipur Kiran) . प्रवासी Rajasthan दिवस से खनन क्षेत्र में परस्पर सहयोग से काम करने के दो समझौतों पर हस्ताक्षर के साथ ही Rajasthan का माइनिंग सेक्टर नये युग में प्रवेश करने जा रहा है.
खान, भूविज्ञान एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत व डिजिटल इण्डिया में सक्रिय हिस्सेदार बनते हुए Rajasthan में क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक खनिजों के अन्वेषण में आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग तकनीक का उपयोग किया जाएगा. इसके लिए माइंस के सेक्टोरल सेशन के दौरान Rajasthan सरकार के आरएसएमईटी और आईआईटी हैदराबाद के बीच सहमति पत्र हस्ताक्षरित किया जाएगा. इसके साथ ही प्रदेश में खदान डम्प्स और टेलिंग्स का वैज्ञानिक मूल्यांकन करने के लिए आईआईटी आईएसएम धनबाद और आरएसएमईटी के बीच सहमति पत्र हस्ताक्षरित कर आदान प्रदान किया जाएगा.
Chief Minister व खानमंत्री भजनलाल शर्मा ने खनिज खोज व खनन में अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग और शोध व विकास पर जोर दिया है. उसी के क्रम में आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस मशीन लर्निंग तकनीक का खनिज खोज में उपयोग किया जाएगा.
प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि राज्य के 39 जिलों में भूवैज्ञानिक, भूरासायनिक, भूभौतिकीय, रिमोट सेंसिंग व सेटेलाइट इमेजरी डेटासेट को एकीकृत कर प्रदेश में कॉपर, ग्रेफाइट, जिंक, लिथियम, कोबाल्ट, निकल, रेयर अर्थ एलिमेंट आदि महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के संभावित क्षेत्रों की पहचान की जाएगी. उन्होंने बताया कि इससे प्रदेश में उत्तरदायी खनिज विकास मॉडल तैयार होगा जिससे भविष्य का रोडमैप तैयार हो सकेगा. यह परियोजना आईआईटी हैदराबाद के सहयोग से चार चरण और लगभग 18 माह में पूरी होगी.
रविकान्त ने बताया कि इसी तरह से विभाग द्वारा चिन्हित 80 खदान डम्प्स और टेलिंग्स का वैज्ञानिक मूल्यांकन आईआईटी आईएसम धनबाद के सहयोग से किया जाएगा. तीन चरणों की एक वर्षीय इस परियोजना में खदान डम्प्स का जियो रेफरेन्सड डेटाबेस, मेपिंग, सेंपलिंग, निष्कर्षण, मिनरालॉजिकल एनालिसिस व उपलब्ध संसाधनों का आकलन किया जाएगा. इन डम्प्स में महत्वपूर्ण खनिज टंगस्टन, लिथियम, कोबाल्ट, निकल, आरईई के रिसोर्सेज उपलब्ध होने की संभावना का पता लगाया जा सकेगा.
प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत और केन्द्र सरकार के क्रिटिकल मिनरल मिशन का Rajasthan प्रमुख भागीदार प्रदेश है. आज देश विदेश में स्ट्रेटेजिक और क्रिटिकल मिनरल्स की अत्यधिक आवश्यकता को देखते हुए केन्द्र सरकार द्वारा क्रिटिकल मिशन की घोषणा की गई है.
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(Udaipur Kiran)
