
देवास, 14 नवम्बर (Udaipur Kiran) . Madhya Pradesh के देवास शहर में लम्बे इंतजार और प्रक्रिया के बाद आखिरकार शुक्रवार को नगर निगम ने हिम्मत दिखाते हुए बुलडोजर उतार दिए. तीन बुलडोजर, एक पोकलेन, दो डंपर, ट्रैक्टरों को लेकर निगम का सैकड़ों कर्मचारियों का अमला सड़क पर उतरा और रोड चौड़ीकरण में बाधक निर्माणों को हटाना शुरू कर दिया है. पहले दिन 63 भवनों के हिस्सों को जमींदोज किया गया.
देवास शहर के सारे व्यापार का बड़ा हिस्सा एमजी रोड पर ही होता है. इस रोड को लेकर प्रतिदिन आवाजें उठती हैं. लगातार जाम के कारण भी लोग परेशान होते हैं. नगर निगम चुनाव में जीत के बाद महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल ने एमजी रोड चौड़ीकरण को ड्रीम प्रोजेक्ट बताया था. पिछले वर्ष इसकी स्वीकृति भी हुई और करीब साढ़े 6 करोड़ रुपये मंजूर हो गए. इसके बाद से लगातार बाधक निर्माण हटाने के लिए कवायदें चल रही थीं. आखिरकार शुक्रवार से नगर निगम ने यह कार्रवाई भी शुरू कर दी.
महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल और आयुक्त दलीप कुमार के निर्देश के बाद नगर निगम का बड़ा अमला सुबह करीब 10 बजे जनता बैंक चौराहा पहुंचा. यहां कुछ ही देर में पुलिस के कई अधिकारी बल सहित पहुंच गए. इसके बाद पहला निर्माण तोड़ने के दौरान ही भवन स्वामी ने हुज्जत की और कहा कि उन्हें किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी गई, न ही नोटिस दिया गया. इस पर निगम अधिकारियों ने अपने दस्तावेज दिखाए और आखिरकार 11 बजे से बुलडोजर ने गरजना शुरू कर दिया. इसके बाद बर्तन की दुकान पर भी कुछ विवाद की स्थिति बनी, तो पुलिस ने दो युवकों को वहां से हटाया और निर्माण तोड़ना जारी रखा. सुभाष चौक से गांजा-भांग चौराहा तक के दर्जनभर से ज्यादा निर्माणों को तोड़ने के बाद निगम का अमला सुभाष चौक की ओर बढ़ा.
कार्रवाई के दौरान निगम की टीम ने कई बहुमंजिला भवनों के बाधक हिस्से भी बुलडोजर से गिरा दिए. शाम तक बुलडोजर कार्रवाई जनता बैंक से सुभाष चौक तक पहुंच गई. इस दौरान कुल 63 भवनों के बाधक निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की गई. इस बीच 8 भवनों पर हाइकोर्ट से स्टे होने के कारण उनको नहीं तोड़ा गया. निगम की टीम ने निर्माण आवश्यकता से कम तोड़े हैं, जिसको लेकर कहा जा रहा है कि बाकी का हिस्सा भवन स्वामियों ने स्वयं तोड़ने की बात कही है, जिसके लिए उनको अगले दो दिन का समय दिया गया है.
यह पहली बार है जब नगर निगम ने बाधक निर्माण हटाने की कार्रवाई जनता बैंक की ओर से शुरू की. पूर्व में सयाजी द्वार से कार्रवाई प्रारंभ होती रही है और विरोध के कारण कुछ ही दूर चलती थी. इस बार शहर के अंदर से कार्रवाई शुरू होती देख आगे के कई भवन स्वामियों ने स्वयं ही बाधक निर्माण हटाना शुरू कर दिया. जानकारों के अनुसार एमजी रोड मास्टर प्लान में 15 मीटर चौड़ी सड़क है. इस कारण यहां हुए निर्माण किसी भी प्रकार बच नहीं पाएंगे. कार्रवाई के दौरान एसडीएम आनंद मालवीय, सीएसपी सुमित अग्रवाल, तहसीलदार हरिओम ठाकुर सभी थानों के टीआइ, नगर निगम उपायुक्त देवबाला पिपलोनिया सहित निगम के सभी यंत्री व बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे.
कार्रवाई को लेकर मीडिया के सवालों पर महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल ने कहा कि यह प्रोजेक्ट हर हाल में पूरा होगा. उन्होंने कहा कि कार्रवाई को लेकर सभी एकजुट हैं और लोग स्वेच्छा से भी निर्माण हटा रहे हैं. इसी प्रकार सभापति रवि जैन ने भी कार्रवाई का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि व्यापारी भी कार्रवाई से नाराज नहीं है. कार्रवाई के पूर्व तीन बार नोटिस दिए गए, अनाउंसमेंट भी किया गया. अंतिम नोटिस के बाद भी पांच दिन का अतिरिक्त समय दिया और इसके बाद तीन और अतिरिक्त दिन दिए, जिसके बाद कार्रवाई शुरू की गई. जल्द ही एमजी रोड का व्यवस्थित निर्माण होगा.
नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार ने बताया कि पहले दिन 63 भवनों का बाधक हिस्सा हिस्सा तोड़ा गया है. 8 मकानों पर स्टे के कारण कार्रवाई नहीं की गई है. Saturday को ज्यादा तैयारी के साथ बाधक निर्माणों को हटाया जाएगा. पहले दिन कुछ समस्या आई और किसी कारण कार्रवाई धीमी हुई थी. Saturday को दो पोकलेन मशीन के साथ कार्रवाई शुरू की जाएगी और सुभाष चौक से तहसील चौराहा तक के बाधक निर्माणों को हटा दिया जाएगा. sunday शाम तक सभी बाधक निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी.
(Udaipur Kiran) तोमर
