मशरूम उत्पादन रोजगार का बेहतरीन विकल्प, किसान अपनाएं : कुलगुरु प्रो. जैतावत

कृषि विश्वविद्यालय में मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
जोधपुर, 15 दिसम्बर (Udaipur Kiran) । पौष्टिक गुणवत्ता एवं औषधीय महत्व की वजह से मशरूम की खेती में युवाओं व किसानों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। मशरूम उत्पादन आज के समय में रोजगार का एक बेहतर विकल्प बनता जा रहा है। साथ ही कम जगह, कम पानी और कम पूंजी में ये काम शुरू किया जा सकता है और सही तरीके से करने पर अच्छा मुनाफा भी मिलता है। यह विचार कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो डॉ वीएस जैतावत ने व्यक्त किए।
कुल गुरु प्रो जैतावत विश्वविद्यालय की किसान कौशल विकास केंद्र की ओर से 15 से 21 दिसंबर तक आयोजित मशरूम की खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन के मौके पर बतौर अध्यक्ष संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को उन्होंने कहा कि मशरूम की खेती सीख कर एंटरप्रेन्योरशिप की दिशा में आगे बढ़े साथ ही दूसरों को भी रोजगार उपलब्ध करवाकर आर्थिक रूप से सक्षम बनायें। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद एमपी सिंह भाटी पूर्व डीआईजी, बीएसएफ व अध्यक्ष, सीमा जन कल्याण समिति ने कहा कि युवा किसानो का रुझान परम्परागत खेती से आधुनिक खेती की तरफ बढ़ रहा हैं, जिसमें मशरूम की खेती बेहतरीन विकल्प हैं। उन्होंने मूल्य संवर्धन की महत्ता बताते हुए ड्राई मशरूम पाउडर बनाने, मार्केट की पहचान सहित मार्केटिंग पर भी फोकस की बात कही।
प्रगतिशील किसानों से प्रतिभागियों का संवाद :
कार्यक्रम के दौरान किसान कौशल विकास केंद्र के प्रभारी डॉ प्रदीप पगारिया ने स्वागत उद्बोधन देते हुए युवाओं व किसानों में कौशल संवर्धन के लिए केन्द्र की ओर से आयोजित किए जा रहे विभिन्न प्रशिक्षणों की जानकारी दी। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ अशोक कुमार मीणा ने बताया कि सात दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को बटन, ओयस्टर, मिल्की मशरूम उत्पादन की तकनीकी व प्रायोगिक जानकारी दी जाएगी।
प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय में मौजूद मशरूम इकाई पर भ्रमण भी करवाया जाएगा। इस दौरान मार्केटिंग, सही स्पॉन एवं कम्पोस्ट की पहचान, मशरूम के प्रसंस्कृत उत्पादों आदि की जानकारी प्रदान की जायेगी। डॉ मीणा ने बताया कि मशरूम उत्पादन करने वाले प्रगतिशील किसानों से भी प्रतिभागियों का संवाद करवाया जायेगा।
अतिथियों ने मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण पुस्तिका का विमोचन भी किया। समारोह में धन्यवाद ज्ञापन केकेवीके की नोडल अधिकारी डॉ प्रियंका स्वामी ने किया। केकेवीके के प्रशिक्षण अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद रहे।
(Udaipur Kiran) / सतीश



