
New Delhi, 10 फरवरी. नए साल 2026 के पहले महीने जनवरी के लिए म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) का डेटा मंगलवार को जारी कर दिया गया है. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में भारत में गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (Gold ETFs) में 50 प्रतिशत की तेज वृद्धि दर्ज की गई, जो मासिक निवेश के लिहाज से पूरे इक्विटी म्यूचुअल फंड सेगमेंट में सबसे अधिक रही.
जनवरी में गोल्ड ETF में निवेश दोगुना होकर 24,039.96 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जबकि दिसंबर में यह मात्र 11,647 करोड़ रुपए था. यह संकेत देता है कि निवेशक शेयर बाजार के साथ-साथ सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों को भी प्राथमिकता दे रहे हैं.
वहीं, जनवरी में एक्टिव इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश 24,029 करोड़ रुपए रहा, जो दिसंबर के 28,054 करोड़ रुपए से लगभग 14 प्रतिशत कम है. इसका मतलब है कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में निवेशकों का भरोसा अभी भी मजबूत है.
नवंबर में इक्विटी फंड्स में 29,911 करोड़ रुपए और अक्टूबर में 24,690 करोड़ रुपए का निवेश आया था. वहीं, जुलाई 2025 में इक्विटी फंड्स में अब तक का सबसे अधिक 42,702 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया था.
कुल मिलाकर जनवरी म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए अच्छा महीना रहा. इस दौरान कुल 1.56 लाख करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश हुआ, जबकि दिसंबर में 66,591 करोड़ रुपए की निकासी हुई थी. इससे स्पष्ट होता है कि निवेशकों का रुझान पुनः म्यूचुअल फंड की ओर बढ़ रहा है.
एक्टिव इक्विटी फंड्स में विभिन्न कैटेगरीज में निवेश देखने को मिला. लार्ज-कैप फंड्स (Large-cap Funds) में 2,004 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जो दिसंबर के 1,567 करोड़ रुपए से अधिक है.
मिड-कैप श्रेणी में 3,185.47 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जबकि पिछले महीने यह निवेश 4,176 करोड़ रुपए था. स्मॉल-कैप फंड्स (Small-cap Funds) में 2,942.11 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया, जो दिसंबर के 3,824 करोड़ रुपए से कम है.
फ्लेक्सी-कैप फंड्स (Flexi-cap Funds) निवेश में सबसे आगे रहे, जिनमें जनवरी में 7,672.36 करोड़ रुपए का निवेश हुआ.
सेक्टरल और थीमैटिक फंड्स (Sectoral and Thematic Funds) में भी निवेश में सुधार दिखा. इस श्रेणी में जनवरी में 1,042 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जो पिछले महीने की तुलना में करीब 9.2 प्रतिशत अधिक है. यह दर्शाता है कि निवेशक विशेष क्षेत्रों से जुड़े फंड्स में रुचि ले रहे हैं.
डेट फंड्स (Debt Funds) के लिए जनवरी शानदार रहा. दिसंबर में भारी निकासी के बाद जनवरी में डेट फंड्स में 74,827.13 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जबकि दिसंबर में 1.32 लाख करोड़ रुपए की निकासी हुई थी.
रातोंरात जमा फंड्स (Overnight Funds) में 46,280 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया, जबकि पिछले महीने यह मात्र 254.25 करोड़ रुपए था. लिक्विड फंड्स (Liquid Funds) में भी 30,681.55 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जिससे यह स्पष्ट होता है कि निवेशक सुरक्षित विकल्पों पर भरोसा बनाए हुए हैं.
हाइब्रिड और पैसिव फंड्स (Hybrid and Passive Funds) में भी निवेश में वृद्धि हुई. हाइब्रिड स्कीम्स में जनवरी में 17,356.02 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जबकि दिसंबर में यह 10,755.57 करोड़ रुपए था. आर्बिट्रेज फंड्स (Arbitrage Funds) में भी इस महीने 3,293.30 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जो दिसंबर के 126.31 करोड़ रुपए से काफी अधिक है.
जनवरी में एक्टिव इक्विटी फंड्स में कुल 806 करोड़ रुपए का निवेश NFO (New Fund Offer) के माध्यम से हुआ. इस महीने सबसे अधिक NFO सेक्टरल और थीमैटिक फंड्स के रहे, जिनमें से दो नए फंड लॉन्च किए गए.
जनवरी में कुल 12 नए म्यूचुअल फंड लॉन्च किए गए, जिनसे लगभग 1,939 करोड़ रुपए जुटाए गए. हालांकि यह राशि दिसंबर के मुकाबले कम थी, लेकिन नए फंड्स में निवेशकों की रुचि बनी रही.
एसआईपी (Systematic Investment Plan) के जरिए हर महीने निवेश 31,002 करोड़ रुपए पर स्थिर रहा, जो निवेशकों के दीर्घकालिक भरोसे को दर्शाता है.
मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल रिसर्चर हिमांशु श्रीवास्तव ने बताया कि बाजार में अस्थिरता के बावजूद निवेश प्रवाह सकारात्मक बना हुआ है. इसका मुख्य कारण लगातार चल रहे एसआईपी निवेश और Indian शेयर बाजार (Indian Stock Market) की लंबी अवधि की विकास संभावनाओं पर निवेशकों का भरोसा है.
उन्होंने यह भी कहा कि कुल निवेश में थोड़ी कमी का मुख्य कारण मिड और स्मॉल कैप सेगमेंट में धीमी गति रही. हालांकि, जनवरी में लार्ज कैप और फोकस्ड फंड्स में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जो दिसंबर के मुकाबले बेहतर थी.
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डीबीपी/ (Daily Kiran)