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Thursday, 29 October 2026
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नैनीताल जिले को नाबार्ड की बड़ी सौगात

Suchana News

नैनीताल, 14 दिसंबर (Udaipur Kiran) । नाबार्ड ने नैनीताल जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में सतत आजीविका और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लक्ष्य बनाते हुए तीन बड़ी विकासात्मक परियोजनाओं को 1.88 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान सहायता प्रदान की है।

जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड नैनीताल मुकेश बेलवाल के अनुसार राज्य में इस श्रेणी की सीमित स्वीकृतियों में नैनीताल जिले की ये तीन परियोजनाएं विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। इन योजनाओं से ग्रामीण समुदायों का सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण, ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा और जल एवं मृदा संरक्षण को नया आधार मिलेगा।

उन्होंने बताया कि जनजातीय विकास निधि के अंतर्गत रामनगर विकासखंड में बुक्सा जनजाति के 200 परिवारों के लिए चार वर्षीय समेकित विकास परियोजना स्वीकृत की गई है, जिसकी लागत 2.05 करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें 1.55 करोड़ रुपये से अधिक नाबार्ड अनुदान शामिल है। इसमें बागवानी आधारित बाड़ी विकास, मधुमक्खी पालन, बकरी पालन, जल संरक्षण ढांचा, महिला आजीविका गतिविधियां और तकनीकी प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी, जिससे जनजातीय परिवारों की आय सुरक्षा और कृषि-पशुपालन आधारित विविध आजीविकाएं मजबूत होंगी।

वहीं ग्राम्य विकास निधि के अंतर्गत ज्योलीकोट क्षेत्र के चोपड़ा गांव में ग्रामीण पर्यटन संवर्धन के िलए ग्राम विहार परियोजना स्वीकृत हुई है। 22.92 लाख रुपये लागत वाली इस योजना में 20.67 लाख रुपये अनुदान सहायता है। दो वर्ष की इस परियोजना में आवासों को पर्यटक आवास के रूप में विकसित करने, तंबू आधारित आवास तैयार करने और स्थानीय हस्तशिल्प, लोक संगीत, नृत्य और पारंपरिक भोजन को पर्यटन से जोड़ने पर कार्य होगा, जिससे युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार अवसर बढ़ेंगे।

इसी प्रकार जलागम विकास निधि के अंतर्गत ओखलकांडा विकासखंड में अमजर जलागम विकास परियोजना के एक वर्षीय क्षमता निर्माण चरण को भी स्वीकृति मिली है। 12.23 लाख रुपये लागत वाले इस चरण में 11.70 लाख रुपये से अधिक की अनुदान सहायता स्वीकृत है। गौल नदी की उपपाटी में स्थित अमजर जलागम के 60 हेक्टेयर क्षेत्र को उपचार योग्य के रूप में शामिल किया गया है, जबकि संपूर्ण प्रस्तावित क्षेत्र 914.52 हेक्टेयर है। यह परियोजना अमजर, सुवालकोट, सलकवार और सलकपार गांवों को आच्छादित करते हुए जल संरक्षण और जलागम प्रबंधन को सुदृढ़ करेगी।

(Udaipur Kiran) / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

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