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Monday, 2 November 2026
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नासिक कुम्भ 2027लोगों डिजाइन स्पर्धा हेतू 10दिन शेष

मुंबई,, 11दिसंबर (Udaipur Kiran) । आस्था, पवित्रता और आध्यात्मिकता का संगम सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 में नासिक त्र्यंबकेश्वर में लगेगा। इस मौके पर नासिक त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला डेवलपमेंट अथॉरिटी ने एक लोगो कॉम्पिटिशन (लोगो डिज़ाइन) रखा है। ठाणे जिला सूचना प्रसारण अधिकारी मनोज सानप ने आज बताया है कि इस कॉम्पिटिशन के लिए रजिस्टर करने के लिए सिर्फ़ दस दिन बचे हैं। इसलिए ज़्यादा से ज़्यादा लोगों से इस कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने की अपील की है। इस कॉम्पिटिशन के विजेताओं को तीन, दो और एक लाख रुपये के इनाम के साथ सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। नासिक त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला डेवलपमेंट अथॉरिटी के डिविजनल कमिश्नर और चेयरमैन डॉ. प्रवीण गेडाम ने कहा कि इस कॉम्पिटिशन के लिए एंट्री 20 दिसंबर, 2025 तक भेजी जा सकती हैं।

नासिक-त्र्यंबकेश्वर में होने वाला सिंहस्थ कुंभ मेला दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में से एक है। यह राज्य के नासिक जिले से बहने वाली दक्षिण गंगा यानी गोदावरी नदी के किनारे हर बारह साल में एक बार होता है। अमृत मंथन की कहानी में आने वाला यह कुंभ मेला आस्था, पवित्रता और हमेशा नए सिरे से चलने वाले चक्र का प्रतीक है। बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक, त्र्यंबकेश्वर, नासिक की समृद्ध संस्कृति, मंदिरों और घाटों की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक झलक है।

नासिक में रामायण स्थलों की भव्यता, नासिक के घाट, त्र्यंबकेश्वर और गोदावरी नदी का हमेशा बहने वाला बहाव इन दोनों शहरों को आपस में जोड़ते हैं। जैसे-जैसे कुंभ मेला एक जीवंत और दुनिया भर में पहचाने जाने वाले आध्यात्मिक उत्सव के रूप में बढ़ रहा है, यह 21वीं सदी की उम्मीदों को दिखाता है। इस पहल का मकसद देश की परंपराओं में निहित एक नई और गतिशील विज़ुअल पहचान बनाना है। नए लोगो की पहचान पिछले एडिशन की विरासत पर आधारित होगी। इसमें भक्ति और एकता की हमेशा रहने वाली भावना दिखनी चाहिए। लोगो मॉडर्न, कॉन्टेक्स्ट वाला और भारत और दुनिया भर के अलग-अलग तरह के दर्शकों को देखने में अच्छा लगना चाहिए। इतना ही नहीं, पार्टिसिपेंट्स नासिक और त्र्यंबकेश्वर के कल्चर, हेरिटेज, आर्किटेक्चर, रीति-रिवाजों और नेचुरल ब्यूटी से भी इंस्पायर होंगे। लोगो यादगार होना चाहिए। यह सभी प्लेटफॉर्म पर आस्था, सेलिब्रेशन और हमेशा रहने वाली परंपरा को दिखाएगा। यह डिज़ाइन कुंभ मेला 2027 के लिए एक अलग विज़ुअल पहचान का काम करेगा। लोगो को नासिक-त्र्यंबकेश्वर के स्पिरिचुअल सार और भारत की रिच कल्चरल हेरिटेज का सिंबल होना चाहिए।

*लोगो के लिए जरूरी

▪ मैक्सिमम साइज़ 5 MB (PDF) होना चाहिए।

▪ लोगो डिज़ाइन कॉम्पिटिशन में दिए गए लेआउट के अनुसार A1 साइज़ के पोस्टर पर होना चाहिए।

▪ लोगो की एक कलर, ब्लैक एंड व्हाइट इमेज और लोगो के बारे में जानकारी देने वाला 150 शब्दों का नोट होना चाहिए।

▪ साइन की हुई और स्कैन की हुई टर्म्स एंड कंडीशंस का मैक्सिमम साइज़ 1 MB (PDF) फ़ाइल है। ▪ कॉन्सेप्ट नोट, पोस्टर, इमेज, फ़ाइल नाम में कोई भी पर्सनल जानकारी जैसे नाम, ऑर्गनाइज़ेशन का नाम या एप्लिकेंट की पहचान बताने वाला कोई रेफरेंस नहीं होना चाहिए।

▪ जो एंट्री इन क्राइटेरिया को पूरा नहीं करेंगी, उन्हें डिसक्वालिफ़ाई कर दिया जाएगा।

▪ पार्टिसिपेंट्स को ऊपर बताए गए तरीके से 2 अलग-अलग फ़ाइलें जमा करनी होंगी। साइन किया हुआ डिक्लेरेशन न होने पर, एंट्री डिसक्वालिफ़ाई कर दी जाएगी।

▪ यह कॉम्पिटिशन भारत के हर नागरिक के लिए खुला है। डिज़ाइन, आर्किटेक्चर और आर्ट के फील्ड के स्टूडेंट्स हिस्सा ले सकते हैं।

▪ यह कॉम्पिटिशन प्रोफ़ेशनल डिज़ाइनर्स, आर्टिस्ट्स, ब्रांड डिज़ाइनर्स और कोई भी जो कोई इनोवेटिव आइडिया ला सकता है, उसके लिए खुला है।

▪ हर पार्टिसिपेंट सिर्फ़ 1 एंट्री भेज सकता है। हिस्सा लेने वाले कंटेस्टेंट की कम से कम उम्र 12 साल होनी चाहिए। अगर किसी ग्रुप ने एंट्री जमा की है, तो एक व्यक्ति को टीम लीडर और एंट्रेंट माना जाना चाहिए।

▪ लोगो की विज़ुअल पहचान खास पहचान एलिमेंट्स के साथ दिखाई जानी चाहिए।

▪ ▪ कलर पैलेट, विज़ुअल मोटिफ़, टाइपफ़ेस, विज़ुअल एंकर और इसके इस्तेमाल को साइनेज, ब्रांडिंग, स्ट्रीट फ़र्नीचर, एंट्री पास, स्टेशनरी, झंडे, मर्चेंडाइज़ वगैरह पर दिखाया जाना चाहिए।

नासिक कुंभ मेला अथॉरिटी चेयरमैन डॉ गेडम ने बताया कि ज़्यादा जानकारी के लिए, जो नागरिक इस कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेना चाहते हैं, वे http://www.mygov.in या ntkmalogocompetition@gmail.com पर संपर्क करें, ।

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(Udaipur Kiran) / रवीन्द्र शर्मा

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