

New Delhi, 09 दिसंबर (Udaipur Kiran) . केन्द्रीय कपड़ा राज्यमंत्री पबित्र मार्गेरिटा ने मंगलवार को ‘राष्ट्रीय हस्तशिल्प सप्ताह’ के अवसर पर हस्तशिल्प कारीगरों को रचनात्मक, धैर्य और कलात्मक विरासत का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि यह भारत की विरासत और ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को संजोने का उत्सव है.
मार्गेरिटा ने एक्स पोस्ट में लिखा, “सात दिवसीय (08-14 दिसंबर) समारोह देशभर के उन कुशल कारीगरों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है जो अपनी कला और कौशल से भारत की सदियों पुरानी शिल्प-परंपरा को न केवल जीवित रखे हुए हैं, बल्कि इसे समृद्ध भी कर रहे हैं. यह विशेष सप्ताह हमें भारत की शिल्पकला के पीछे छिपी असाधारण भावना और जटिल कौशल को गहराई से समझने के लिए प्रेरित करता है.”
उन्होंने कहा कि पारंपरिक तकनीकों को आधुनिक डिज़ाइन के साथ मिलाकर, Indian कारीगर विश्व स्तर पर अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं. यह सप्ताह इस बात पर ज़ोर देता है कि हस्तनिर्मित कृतियों को खरीदकर और महत्व देकर, हम तीन अमूल्य चीज़ों पहचान, गरिमा और विरासत का संरक्षण करते हैं.
राज्यमंत्री ने कहा कि यह सप्ताह न केवल उत्सव का है, बल्कि यह देश के नागरिकों को अपने कारीगरों का समर्थन करने और भारत की हस्तशिल्प परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने का भी एक मंच है.
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(Udaipur Kiran) / श्रद्धा द्विवेदी
