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Saturday, 31 October 2026
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दिल्ली में ‘नो पीयूसी-नो फ्यूल’ अभियान जारी रहेगा, ई-वेस्ट पार्क को कैबिनेट की मंजूरी

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए।

नई दिल्ली, 23 दिसंबर (Udaipur Kiran) । दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को ग्रेप-4 हटाए जाने के बाद भी राजधानी में ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ अभियान जारी रखने की जानकारी दी। साथ ही कैबिनेट में ई-कचरा पार्क की स्थापना को मंजूरी दी।

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली सचिवालय में मंगलवार को पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी कि ग्रेप-4 हटाए जाने के बाद भी राजधानी में ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ अभियान जारी रहेगा, ताकि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि वाहन प्रदूषण को नियंत्रित करने का सबसे प्रभावी माध्यम प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) है, इसलिए इसे सख्ती से लागू रखा जाएगा। शिकायतें प्राप्त हुईं कि कुछ पीयूसीसी केंद्र तय मानकों के अनुसार कार्य नहीं कर रहे हैं। इसलिए तत्काल निरीक्षण कराए गए। जिसमें अनियमितताओं में लिप्त 12 पीयूसीसी केंद्रों को निलंबित कर ब्लैकलिस्ट किया गया है और उन्हें नोटिस भी जारी किए गए हैं।

पर्यावरण मंत्री सिरसा ने बताया कि कैबिनेट ने होलंबी कलां में ई-वेस्ट पार्क को मंजूरी दे दी है। यह दिल्ली का पहला ई-वेस्ट प्लांट होगा, जो 11 से 11.5 एकड़ में फैला होगा और सर्वोत्तम प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन करेगा। जल्द ही इसके निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में एक हजार से अधिक जल निकाय हैं, जिनमें से दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) मिलकर करीब 160 जल निकायों के पुनर्जीवन पर काम कर रही है, जबकि 134 जल निकाय पूरी तरह दिल्ली सरकार के अधीन हैं। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को 19 करोड़ रुपये दिए हैं और मुख्यमंत्री ने दिल्ली में इस साल के भीतर 100 प्रतिशत जल निकायों को पुनर्जीवित करने के लिए 100 करोड़ रुपये की घोषणा की है।

पर्यावरण मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चार नए स्वचालित परीक्षण स्टेशनों को भी मंजूरी दी है। दिल्ली में ऊंची इमारतों के शीर्ष पर स्थापित एंटी-स्मॉग गन (एएसजी) को संचालित करने के लिए अधिक समय दिया गया है और भवन मालिकों को अपने परिसर के आसपास मिस्टिंग सिस्टम स्थापित करने का विकल्प दिया गया है। औद्योगिक नियंत्रण के लिए एएसजी एवं मिस्टिंग सिस्टम अब अनिवार्य हैं। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने अब तक 411 बंद करने के नोटिस जारी किए है और एमसीडी ने 400 इकाइयों को सील कर दिया है।

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(Udaipur Kiran) / माधवी त्रिपाठी

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