


भोपाल, 9 दिसंबर (Udaipur Kiran) . Madhya Pradesh सरकार में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के भाई पर लगे गांजा तस्करी के आरोप के बाद प्रदेश की सियासी पारा हाई हाे गया है. कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतर आई है और विराेध- प्रदर्शन कर रही है. इसी को लेकर मंगलवार काे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से सीएम हाउस और मंत्री प्रतिमा बागरी के निवास का घेराव करने एनएसयूआई कार्यकर्ता निकले लेकिन पुलिस ने रेड क्रॉस चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया. स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया. इसी बीच कार्यकर्ताओं और पुलिस में झूमाझटकी भी हुई.
एनएसयूआई ने प्रदेश में बढ़ते ड्रग्स नेटवर्क और प्रतिमा बागरी के भाई की गिरफ्तारी के बाद सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि मंत्री प्रतिमा बागरी के भाई 50 किलो के लगभग गांजे के साथ गिरफ्तारी के बावजूद सरकार कार्रवाई करने से बच रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नशे का नेटवर्क मध्यप्रदेश में सरकारी संरक्षण से चल रहा है. एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने Chief Minister से सवाल किया कि “मंत्री प्रतिमा बागरी के भाई के पास लगभग 50 किलो गांजा मिला तो क्या Chief Minister मोहन यादव मंत्री प्रतिमा बागरी के मंत्री पद से इस्तीफ़ा लेंगे, क्या वह उनके घर भी जेसीबी भेजेगे? प्रदेश सरकार पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रही है.” आशुताेष चौकसे ने कहा कि वे गांजे की माला लेकर Chief Minister निवास जाना चाहते थे, ताकि Chief Minister से सीधे पूछ सकें कि “जब उनके मंत्रियों के घरों से नशे का नेटवर्क चल रहा है, इससे यह स्पष्ट होता है की प्रदेश में चल रहे नशे के रैकेट को मध्यप्रदेश शासन का संरक्षण प्राप्त है. मोहन यादव सरकार की मंशा उड़ते Punjab की तर्ज पर प्रदेश को उड़ता मध्यप्रदेश बनाना चाहती है .
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित लगभग 50 एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया. एनएसयूआई ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने नशे के पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं करती, मंत्री प्रतिमा बागरी इस्तीफ़ा नहीं देती तो आंदोलन प्रदेशभर में और तेज किया जाएगा.
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(Udaipur Kiran) / नेहा पांडे
