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Wednesday, 28 October 2026
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सरकार के 100 दिन पूरे होने पर प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने कहा चुनाव एकमात्र लक्ष्य

राष्ट्र के नाम संबोधन करते हुए प्रधानमंत्री सुशीला कार्की

काठमांडू, 20 दिसंबर (Udaipur Kiran) । नेपाल की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर कहा है कि उनकी सरकार ने सुशासन और चुनाव को अपनी एकमात्र प्राथमिकता बनाया है और आगामी चुनाव ही स्थिरता तथा लोकतांत्रिक पुनर्जागरण का एकमात्र व्यवहारिक रास्ता हैं।

जेन-ज़ी आंदोलन के बाद गठित सरकार के 100 दिन पूरे होने पर राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री कार्की ने कहा कि सरकार 5 मार्च 2026 को प्रतिनिधि सभा का चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

उन्होंने कहा, “जेन-ज़ी आंदोलन की भावना से प्रेरित होकर इस सरकार ने सुशासन और चुनाव को ही अपना एकमात्र लक्ष्य बनाया है। चुनाव में कौन जीतता है या हारता है, यह गौण है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि हमारा लोकतंत्र और राष्ट्रीय अखंडता मजबूत रहे।”

राष्ट्रीय एकता का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री कार्की ने नागरिकों से आगामी चुनाव को “राष्ट्रीय अनुष्ठान” के रूप में देखने का आग्रह किया, जो परिवर्तन का द्वार खोलेगा। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय एकता की डोर में बंधकर हमें देश को नई दिशा में आगे बढ़ाना है। यह चुनाव नेपाल की राजनीति में एक नए, स्वच्छ और स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत करेगा।”

उन्होंने चुनाव में देरी या रद्द होने की अफवाहों को निराधार बताते हुए कहा कि निर्धारित समय पर चुनाव कराने के अपने संकल्प में सरकार “चट्टान की तरह मजबूत” है।

जेन-ज़ी आंदोलन के बाद हुई हिंसा का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 8 और 9 सितंबर की दुखद घटनाओं के बाद देश फिर से शांति के मार्ग पर लौट आया है। उन्होंने बताया कि जान गंवाने वालों को शहीद घोषित किया गया है, घायलों के इलाज और आजीविका सहायता की प्रक्रिया जारी है तथा क्षतिग्रस्त संरचनाओं के पुनर्निर्माण का काम भौतिक अवसंरचना पुनर्निर्माण कोष के माध्यम से शुरू हो चुका है।

चुनाव की तैयारी के संबंध में उन्होंने कहा कि एकीकृत चुनाव सुरक्षा योजना को मंजूरी दे दी गई है और नेपाल सेना की तैनाती सुनिश्चित की गई है। अशांति के दौरान लूटे गए 1,342 हथियारों में से अधिकांश बरामद कर लिए गए हैं, जबकि पुलिस ने अतिरिक्त 32 अवैध हथियार भी जब्त किए हैं। क्षतिग्रस्त 465 पुलिस कार्यालयों को फिर से संचालन में लाया गया है।

उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग के लिए 673 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है और मतदाता पंजीकरण कानून में संशोधन के बाद चुनाव की तिथि घोषित होने के पश्चात भी 8 लाख 37 हजार नए युवा मतदाता जोड़े गए हैं। अब 1 करोड़ 81 लाख से अधिक मतदाता मतदान के पात्र हैं और 114 राजनीतिक दल चुनाव प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं।

विशेष रूप से जेन-ज़ी सहित युवा मतदाताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव जीत-हार का नहीं, बल्कि लोकतंत्र और सुशासन को मजबूत करने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा, “सड़क आंदोलन सवाल उठाते हैं, लेकिन मतपत्र समाधान देता है,” और आश्वस्त किया कि राज्य प्रत्येक वोट की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

पिछले 100 दिनों में किए गए शासकीय सुधारों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि कानून प्रवर्तन और भ्रष्टाचार-रोधी संस्थाएं अब पूर्ण पेशेवर स्वतंत्रता के साथ, पद और प्रभाव की परवाह किए बिना कार्रवाई कर रही हैं। सरकार मिलीभगत वाले ठेकों, राज्य संसाधनों के दुरुपयोग और ठप विकास परियोजनाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है।

धैर्य रखने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सार्थक परिवर्तन रातोंरात संभव नहीं है और जेन-ज़ी आंदोलन की उपलब्धियों को संस्थागत रूप देने के लिए निरंतर प्रयास और समय की आवश्यकता होगी।

उन्होंने कहा, “अराजकता किसी को खुशी नहीं देती; केवल शांति और स्थिरता ही समृद्धि का द्वार खोलती है,” और नागरिकों से 5 मार्च 2026 के चुनाव को राष्ट्रीय नवजागरण का एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बनाने का आह्वान किया।

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(Udaipur Kiran) / पंकज दास

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