
अहमदाब, 30 नवंबर (Udaipur Kiran) . मतदाता सूची सुधार अभियान को लेकर नायब Chief Minister हर्ष संघवी का सबसे बड़ा बयान सामने आया है. विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम का विरोध करने वालों को कड़ा जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी देश, राज्य या महानगर का नेता चुनने का अधिकार उस क्षेत्र के वास्तविक और कानूनी नागरिकों का होना चाहिए.
हर्ष संघवी ने तीखे शब्दों में कहा –
“क्या बांग्लादेशी घुसपैठिए मेरे देश का नेता तय करेंगे? विरोधियों का षडयंत्र क्या है, इसे समाज बहुत अच्छी तरह जानता है.”
उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में नेता चुनने का अधिकार केवल वैध नागरिकों का है, किसी बाहरी घुसपैठिए का नहीं.
गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत हर्ष संघवी ने सूरत शहर के कई मतदान केंद्रों का सूक्ष्म निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) कर्मचारियों से बातचीत की और दोनों हाथ जोड़कर उनका आभार व्यक्त किया. उन्होंने कर्मचारियों को भोजन के लिए खाद्य पैकेट भी दिए और मानवीय संवेदना के साथ उनकी मेहनत की सराहना की.
सूरत में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान का विरोध कर रहे कुछ लोगों पर प्रहार करते हुए उन्होंने फिर साफ किया कि –“देश के नेता, राज्य के नेता और महानगर या नगर निकाय के नेता भी वही तय करेगा, जिसे संविधान ने अधिकार दिया है – यहां का सच्चा नागरिक, ना कि कोई घुसपैठिया.”
अपने बयान में उन्होंने लोकतंत्र की ताकत को रेखांकित करते हुए कहा कि समाज देश-विरोधी साजिशों को अब भली–भांति समझने लगा है, और नागरिकों के अधिकारों के संरक्षण में सरकार पूरी मजबूती के साथ खड़ी है.
इस अभियान का सूरत की जनता से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और सरकार इसे लोकतंत्र की रक्षा और मतदाताओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण कदम मानती है.
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(Udaipur Kiran) / यजुवेंद्र दुबे
