ऑनलाइन गेमिंग विनियमन विधेयक 2025 लोकसभा से पारित, मनी गेम्स पर सख्त प्रतिबंध

New Delhi, 20 अगस्त (Udaipur Kiran). लोकसभा ने ऑनलाइन गेमिंग को प्रोत्साहित करने और उसे नियंत्रित करने के उद्देश्य से ऑनलाइन खेल संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 को ध्वनिमत से पारित कर दिया. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि सरकार राजस्व से ज्यादा समाज कल्याण को प्राथमिकता देती है. इसी कारण इस विधेयक में ‘मनी गेम्स’ को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है.

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विपक्ष के हंगामे के बीच विधेयक पेश किया, जिसे बाद में बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित किया गया. वैष्णव ने बताया कि विधेयक में ई-स्पोर्ट्स, सोशल गेम्स और मनी गेम्स के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं. सरकार ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को बढ़ावा दे रही है, वहीं मनी गेम्स को समाज के लिए हानिकारक मानते हुए प्रतिबंधित किया गया है.

मंत्री ने बताया कि मनी गेम्स के कारण लोग आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं, बुरी आदतों के शिकार हो रहे हैं और कई मामलों में आत्महत्या तक कर रहे हैं. अकेले कर्नाटक की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मनी गेम्स के कारण 31 महीनों में 32 आत्महत्याएं दर्ज की गई हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी मनी गेम्स को मानसिक विकार के रूप में मान्यता दी है. मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने हमेशा समाज के कल्याण को प्राथमिकता दी है, इसी भावना के तहत यह विधेयक लाया गया है.

विधेयक की मुख्य बातें:

  • ई-स्पोर्ट्स को वैध खेल की मान्यता दी गई है और इसके लिए युवा मामलों एवं खेल मंत्रालय दिशा-निर्देश तय करेगा.

  • प्रशिक्षण केंद्र, शोध संस्थान और तकनीकी मंच स्थापित किए जाएंगे.

  • सामाजिक व शैक्षिक गेम्स के विकास और प्रसार के लिए सुरक्षित प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए जाएंगे.

  • ऑनलाइन मनी गेम्स (कौशल, भाग्य या मिश्रित) पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है.

  • मनी गेम्स के प्रचार, विज्ञापन और उनसे जुड़ी वित्तीय लेन-देन गतिविधियां गैरकानूनी होंगी.

  • बैंक और भुगतान प्रणालियों को इनसे जुड़े लेन-देन रोकने के निर्देश दिए गए हैं.

  • सरकार एक राष्ट्रीय ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण बनाएगी, जो खेलों का पंजीकरण, श्रेणीकरण, शिकायत निवारण और नियामक दिशा-निर्देश जारी करेगा.

  • विधेयक के तहत मनी गेमिंग की पेशकश पर तीन साल तक की कैद और एक करोड़ रुपये तक जुर्माना, जबकि विज्ञापन करने वालों को दो साल की कैद और 50 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा.

  • बार-बार अपराध करने वालों के लिए और सख्त सजा का प्रावधान किया गया है.

  • सरकार को जांच, प्रवर्तन, संपत्ति जब्ती और गंभीर मामलों में बिना वारंट गिरफ्तारी की शक्ति दी गई है.

Leave a Comment