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Thursday, 29 October 2026
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मप्र विधानसभा में खराब फसलों के मुआवजे को लेकर विपक्ष का हंगामा, सदन से किया बहिर्गमन

मध्य प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो)

भोपाल, 04 दिसम्बर (Udaipur Kiran) । मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन गुरुवार को खराब फसलों के मुआवजे को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के विधायकों ने खराब फसलों के मुआवजे का मुद्दा उठाया। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर कांग्रेस विधायकों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया। इसके बाद वह बाहर नारेबाजी करने लगे।

मप्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीयय चीता दिवस भी है। मध्य प्रदेश में लगातार चीतों की संख्या में वृद्धि हो रही। आज नौसेना दिवस भी है। युद्धों में परचम लहराया। सेना अंडरग्राउंड रोबोट और आधुनिकतम तकनीक का उपयोग कर रही है। इस दौरान हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष भी सदन की मौजूद रहे।

इसके बाद कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने श्योपुर जिले के किसानों के खाते में राहत राशि नहीं डालने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों के खाते में राशि नहीं पहुंची है और सरकार इस मामले में सही जवाब नहीं दे रही है। इस पर हंगामा शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि 16000 रुपये प्रति हेक्टेयर राहत राशि दी जानी थी, लेकिन किसानों के खाते में पैसा नहीं पहुंचा है। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा इस मामले में सही जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि कुछ खातों में राशि नहीं पहुंची है, जिसे जल्दी पहुंचाया जाएगा।

राजस्व मंत्री वर्मा ने कहा कि दतिया गुना और भिंड जिले में अन्नदाता को कोई नुकसान नहीं हुआ है। इस पर कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने आपत्ति जताई और कहा कि ग्वालियर जिले में भी फसल बर्बाद हुई, लेकिन केवल दो-चार लोगों को मुआवजा दिया जा रहा है। अतिवृष्टि के कारण फसल चौपट होने से अभी तक नौ से अधिक किसान आत्महत्या कर चुके हैं। विधायक सिकरवार ने कहा कि विधानसभा में झूठी जानकारी दी जा रही है।

मंत्री विजयवर्गीय ने सवाल बदले जाने के आरोपों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रश्न संदर्भ समिति है, उसमें जाना चाहिए। इस तरह विधानसभा को बदनाम किया जाना ठीक नहीं है। मंत्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि ग्वालियर और शिवपुरी जिले में 7 करोड़ 33 लाख रुपये राहत राशि वितरित की गई। इस पर विधायक सिकरवार ने असंतोष जताया और कहा कि मृतकों को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा दिया जाए। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा अति वर्षा पर 5 घंटे चर्चा कर चुके हैं। इसको छोड़कर कोई नया प्रश्न हो तो विधानसभा में आना चाहिए और उस पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन पुराने बिंदुओं पर ही बात की जा रही है। राजस्व मंत्री वर्मा ने कहा कि राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत प्राकृतिक का आपदा से फसल क्षति होने पर प्रभावितों को आर्थिक सहायता दिए जाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। मानदंड के अनुसार राहत राशि दी जाती है।

इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि धान की उपज का आंकड़ा उपज मंडी में मौजूद है। जो नुकसान हुआ था, उस नुकसान के चार गुना ज्यादा पैसा हमने अपने दिलाया। इस दौरान सदन में हंगामा होने लगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2003 में तीन हजार रुपये प्रति हेक्टेयर राशि दी जाती थी। उसका 5 गुना राशि हमारी सरकार दे रही है। कांग्रेस विधायकों ने इसका विरोध किया और उसके बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया और बाहर जमकर नारेबाजी की।

शून्यकाल के बाद मंत्रियों ने पटल पर रखे पत्र

शून्यकाल की सूचनाओं के बाद सदन में मंत्री जगदीश देवड़ा, कैलाश विजयवर्गीय, उदय प्रताप सिंह, दिलीप अहिरवार, चेतन कश्यप और नारायण सिंह कुशवाह ने अपने-अपने विभागों से संबंधित पत्र पटल पर रखे। कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा के ध्यानाकर्षण पर ऊर्जा विभाग की ओर से अधिकृत मंत्री तुलसी सिलावट ने सदन में जवाब दिया।

कटनी में आगजनी केस में गलत कार्रवाई का आरोप

भाजपा विधायक प्रणय प्रभात पांडे ने कटनी की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में व्यापारी की घर हुई आगजनी के मामले में गैर जमानती गलत धाराएं लगाने के मामले में मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया। इसमें विधायक द्वारा शुभम त्रिपाठी के खिलाफ की गई कार्यवाही में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया। कहा गया कि इससे ब्राह्मण समाज में आक्रोश है। जवाब देते हुए मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि निष्पक्ष कार्रवाई की गई है। किसी भी समाज में कोई आक्रोश नहीं है। इसी मामले में विधायक अभिलाष पांडे ने कहा कि शुभम त्रिपाठी के परिजन की ओर से उन्हें भी शिकायत की गई है। थाने में बुलाकर शुभम त्रिपाठी और उनके परिजन को धमकाया गया है। इसकी विधिवत जांच कर दोषी लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके बाद मंत्री पटेल ने कहा कि अगर किसी तरह की गड़बड़ी हुई तो थाने से अलग स्टाफ बुलाकर जांच कराई जाएगी। इसी मामले में मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल ने कहा कि थाने के सीसीटीवी फुटेज और घटना के सीसीटीवी फुटेज से बहुत कुछ स्थिति साफ हो जाएगी।

कटनी जिले के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक ने कहा कि जो धारा लगाई गई हैं, उसमें घर जलाने और घर के अंदर जलाकर मार देने की धारा है, जबकि घटनास्थल 15-20 फीट दूर है। घर के बाहर दूर आग लगी थी। जानबूझकर गलत धाराएं लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि थाना प्रभारी की मौजूदगी में थाने में कांग्रेस के नेताओं ने शुभम त्रिपाठी को धमकाया और कहा कि अगर भाजपा के सीनियर नेता का नाम लोगे तो बच जाओगे अन्यथा जेल जाना पड़ेगा। उसने नाम लेने से मना कर दिया तो उसे जेल भेज दिया गया। इस मामले में नाजिम खान और एक अन्य युवक की भूमिका है।

इस बीच संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह विषय काफी गंभीर है। हम एक-एक पॉइंट पर जांच करा लेंगे। लेकिन किसी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी, दोषी को बख्शा भी नहीं जाएगा। थाने के बाहर का स्टाफ बुलाकर जांच कराई जाएगी। मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि इस पूरे मामले में जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और उच्च अधिकारियों के माध्यम से जांच कराई जाएगी।

(Udaipur Kiran) तोमर

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