
मुंबई ,6 दिसंबर (Udaipur Kiran) .संगीत एक तपस्या है और संगीत के महारथी पंडित राम मराठे, जिनका संगीत मैं बचपन से सुनकर बड़ी हुई हूं, के नाम पर मिला पुरस्कार मेरे लिए वरदान है. मैं इस वरदान को अपने दिल में संजो कर रखूंगी और यह पुरस्कार मुझे भविष्य के मेरे प्रयासों, उपलब्धियों और संगीत के प्रति समर्पण के लिए निश्चित रूप से प्रेरित करेगा, ऐसा ठाणे गडकरी रंगायतन नाट्य ग्रह में आयोजित वरिष्ठ गायिका आशा खाडिलकर ने अभिनंदन समारोह के प्रति अपनी प्रतिक्रिया में कहा.
ठाणे महानगरपालिका द्वारा आयोजित 30वें संगीत भूषण पंडित राम मराठे महोत्सव का उद्घाटन शुक्रवार की संध्या राम गणेश गडकरी रंगायतन में हुआ. मुकुंद मराठे, पं. विवेक सोनार, रवि नवले, पं. राम मराठे की पुत्री सुशील ओक, वीणा नाटेकर, गायत्री मराठे उपस्थित थे.
ठाणे महानगरपालिका द्वारा दिया जाने वाला संगीत भूषण पं. राम मराठे राज्य स्तरीय पुरस्कार वरिष्ठ गायिका आशा खाडिलकर को प्रदान किया गया. पुरस्कार में 51 हजार रुपए नकद और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है. वहीं संगीत भूषण पं. राम मराठे राज्य स्तरीय युवा पुरस्कार Indian नृत्य शैली की युवा साधिका निधि प्रभु को प्रदान किया गया. पुरस्कार में 25000 रुपए नकद, प्रशस्ति पत्र, शॉल और गुलदस्ता प्रदान किया जाता है.
इस अवसर पर आशा खाडिलकर ने पं. राम मराठे की स्मृतियों को याद किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने दर्शकों के बीच बैठकर रामभाऊ का नाटक ‘संगीत मनापमन’ देखा था. पं. रामभाऊ मराठे जैसे कलाकार ईश्वर से प्रेरित और ध्यान व तपस्या से जन्मे लोग थे. राम मराठे, जो एक शास्त्रीय गायक थे, उन्हें सब-क्लासिकल म्यूज़िक का भी हुनर था. पंडित राम मराठे ने नाटकों और फ़िल्मों में काम किया. उस पीढ़ी के सिंगर्स को शोहरत की उम्मीद नहीं थी. उनकी पूरी ज़िंदगी म्यूज़िक मेडिटेशन में गुज़री और अब रामभाऊ की क्लासिकल म्यूज़िक की विरासत को उनकी आने वाली पीढ़ियाँ आगे बढ़ा रही हैं, और उन्होंने बताया कि यह एक भगवान का तोहफ़ा है जो उन्हें मिला है.
कथक डांसर निधि प्रभु ने अवॉर्ड मिलने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, पंडित राम मराठे का फ़ेस्टिवल ठाणे में 30 सालों से चल रहा है. जब मैं स्कूल में थी, तो यह प्रोग्राम देखने आती थी. उस समय, क्या मुझे इस स्टेज पर परफ़ॉर्म करने का मौका मिलेगा? मैं भी यही सोच रही थी, लेकिन दो साल पहले मुझे इस स्टेज पर डांस करने का मौका मिला. उस समय, बहुत से लोग अवॉर्ड लेते देखे गए थे. मुझे भी यह अवॉर्ड कभी न कभी मिलेगा और आज मेरा सपना सच हो गया है. मुझे राज्य स्तरीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया, मैं एक ठाणेकर हूं और गडकरी रंगायतन हमारा घर है, इसलिए मुझे ठाणे महानगरपालिका द्वारा इस मंच पर दिए गए सम्मान को स्वीकार करते हुए बहुत खुशी हुई और यह वरिष्ठ गायक के साथ बैठने और पुरस्कार स्वीकार करने का एक शानदार अवसर था, जिनके गीत मैं सुनती रही हूं, निधि प्रभु ने कहा.
ठाणे को झीलों के शहर के रूप में जाना जाता है, लेकिन अब ठाणे को कलाकारों का शहर भी कहा जाने लगा है, कई कलाकार इस शहर में रहते हैं. ठाणे बड़े प्रशंसकों वाला शहर है. यह केवल विकास कार्यों को करने के लिए महानगरपालिका का काम नहीं है, बल्कि ठाणे देश का एकमात्र महानगरपालिका है जो कला की खेती करता है और कलाकारों के गुणों का सम्मान करता है, ठाणे महानगरपालिका के अतिरिक्त आयुक्त संदीप मालवी ने कहा. महानगरपालिका के डिप्टी कमिश्नर उमेश बिरारी ने कार्यक्रम की शुरुआत की.
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(Udaipur Kiran) / रवीन्द्र शर्मा
