पार्थ चटर्जी को नहीं मिलेगा कोई विशेष दर्जा, शीतकालीन सत्र में स्वतंत्र विधायक की तरह व्यवहार करेगी विधानसभा

पूर्व शिक्षा मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के निलंबित नेता पार्थ चटर्जी

कोलकाता, 13 नवम्बर (Udaipur Kiran) . West Bengal विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के निलंबित नेता पार्थ चटर्जी को अब स्वतंत्र विधायक की तरह माना जाएगा. विधानसभा अध्यक्ष विमान बनर्जी ने स्पष्ट किया है कि उन्हें अब न तो सत्तारूढ़ पक्ष के खेमे में जगह मिलेगी और न ही विपक्ष के बीच कोई विशेष स्थान दिया जाएगा.

विधानसभा सूत्रों के अनुसार, पार्थ चटर्जी को नया आसन सदन में सत्तापक्ष और विपक्षी बेंचों के बीच स्थित स्वतंत्र विधायकों के क्षेत्र में दिया जाएगा. यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि जुलाई 2022 में स्कूल भर्ती घोटाले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तारी के बाद तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था.

अध्यक्ष ने बताया कि अब पार्थ चटर्जी को विधानसभा परिसर में मंत्री पद के समय जैसा अलग कमरा भी नहीं मिलेगा. विधानसभा अध्यक्ष ने गुरुवार को कहा कि वे अब मंत्री नहीं हैं, इसलिए उन्हें अलग कमरा आवंटित नहीं किया जाएगा. वे अन्य विधायकों की तरह सदन की कार्यवाही में शामिल होंगे और समान सुविधाएं प्राप्त करेंगे.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पार्थ चटर्जी सत्र के दौरान सदन में किसी बहस में भाग लेना चाहें, तो नियमों के अनुसार उन्हें बोलने का अवसर दिया जाएगा. अध्यक्ष ने कहा कि चटर्जी को मंत्रिमंडल से हटा दिया गया है, लेकिन वे अब भी विधानसभा के सदस्य हैं. इसलिए उन्हें सत्र में भाग लेने का पूरा अधिकार है. वे वरिष्ठ विधायक हैं, और यदि वे अपनी राय व्यक्त करना चाहें, तो उन्हें समय दिया जाएगा.

गौरतलब है कि पार्थ चटर्जी ने पहले ही घोषणा की थी कि वे इस बार विधानसभा के शीतकालीन सत्र में शामिल होंगे और संभव हुआ तो सदन की बहसों में भी भाग लेंगे.

(Udaipur Kiran) / ओम पराशर

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