राजस्थान पुलिस हेल्पलाइन से मिली बड़ी राहत, लोगों ने जताया आभार
जयपुर, 12 सितंबर (Udaipur Kiran News)। महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव शर्मा के निर्देश पर नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर राहतकारी साबित हो रहे हैं। इस पहल से कई लोगों को समय पर सहायता मिली और उन्होंने राजस्थान पुलिस की तहेदिल से प्रशंसा की।

महानिरीक्षक पुलिस (कानून एवं व्यवस्था) श्री अनिल कुमार टांक ने बताया कि बुधवार को हेल्पलाइन पर कुल 43 कॉल प्राप्त हुईं। कॉल करने वालों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और तुरंत उनके सवालों का जवाब देकर उन्हें संतुष्ट किया गया। उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास ने नागरिकों को फिलहाल काठमांडू न आने की सलाह दी है और लगातार संबंधित लोगों से संपर्क बनाए हुए है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार को 23, बुधवार को 12 और गुरुवार को 8 लोगों ने हेल्पलाइन पर सूचनाएं दीं। कॉल करने वालों ने बताया कि उनके परिजन पशुपतिनाथ मंदिर के आसपास स्थित गेस्ट हाउस में ठहरे थे और कंपनी की बसों से यात्रा कर रहे थे, जिन पर आंदोलनकारियों ने तोड़फोड़ की थी। इस स्थिति में हेल्पलाइन के माध्यम से मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई गई।
राज्य सरकार को समस्याओं से अवगत करवाकर प्रभावित पर्यटकों को बसों और विमानों से सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था की गई। भारतीय दूतावास ने उन्हें होटल में ठहराया और एयरपोर्ट पर सुरक्षा प्रदान की। कई यात्री स्थानीय प्रशासन की मदद से सीमा पार कर भारत लौट रहे हैं, जबकि अधिकांश पर्यटकों की वापसी हवाई जहाज और बसों से सुनिश्चित की जा रही है।
सूचनाकर्ताओं से फीडबैक भी लिया जा रहा है, जिसमें उन्होंने पुलिस और सरकार के प्रयासों की सराहना की है। उनका कहना है कि परिजनों से संपर्क हो रहा है और वे सुरक्षित तरीके से भारत लौट रहे हैं।
गौरतलब है कि नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए राजस्थान पुलिस मुख्यालय में एक विशेष सेल स्थापित किया गया है। इसके लिए 24×7 हेल्पलाइन और व्हाट्सएप नंबर जारी किए गए हैं। इस सेल की जिम्मेदारी एसपी कानून एवं व्यवस्था गोवर्धलाल सोकरिया को सौंपी गई है, जबकि तीन अनुभवी अधिकारी लगातार ड्यूटी पर तैनात हैं।
मदद के लिए नागरिक हेल्पलाइन नंबर 0141-2740832 और 0141-2741807 पर कॉल कर सकते हैं, वहीं व्हाट्सएप नंबर 97849-42702 पर संदेश भेजकर भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।



