
जयपुर, 04 दिसंबर (Udaipur Kiran) . Rajasthan हाईकोर्ट ने भाजपा नेता भवानी सिंह राजावत के खिलाफ साल 2011 में दर्ज मुकदमे और शिक्षा मंत्री के खिलाफ साल 2021 में दर्ज दो आपराधिक मुकदमों को वापस लेने के लिए राज्य सरकार को निचली अदालतों में प्रार्थना पत्र पेश करने की अनुमति दे दी है. जस्टिस अनूप कुमार ने की एकलपीठ ने यह आदेश राज्य सरकार की आपराधिक याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिए. हाईकोर्ट की अनुमति के बाद अब राज्य सरकार संबंधित अदालतों में लंबित मुकदमों को वापस लेने के लिए प्रार्थना पत्र पेश करेगी.
याचिकाओं में अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश चौधरी और अधिवक्ता अमन अग्रवाल ने अदालत को बताया कि भवानी सिंह राजावत के खिलाफ 21 नवंबर, 2011 को कोटा के सुल्तानपुर थाने में हाईवे जाम करने और लोगों को जमा करने का मामला दर्ज हुआ था. जिसमें पुलिस ने साल 2012 में स्थानीय अदालत में आरोप पत्र पेश किया था. वहीं मदन दिलावर के खिलाफ कोरोना काल में जुलूस निकालने और लोगों को एकत्रित करने के साथ ही महामारी अधिनियम के तहत रामगंजमंडी थाने में साल 2021 के फरवरी और जुलाई माह में मामला दर्ज हुआ था. जिसमें निचली अदालत में सुनवाई चल रही है. राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि राज्य सरकार इन मुकदमों को जनहित में वापस लेना चाहती है. राज्य सरकार की हाई लेवल मीटिंग में गत 2 जुलाई को मदन दिलावर और 7 जुलाई को राजावत के खिलाफ लंबित मुकदमे को वापस लेने का निर्णय किया. सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा है कि एमपी और एमएलए से जुडे मुकदमों को वापस लेने के लिए निचली अदालत में प्रार्थना पत्र दायर करने से पूर्व हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इसकी अनुमति लेनी होगी. ऐसे में उन्हें इन मुकदमों को वापस लेने के लिए निचली अदालतों में प्रार्थना पत्र पेश करने की अनुमति दी जाए. इस पर अदालत ने राज्य सरकार को इसकी अनुमति दे दी है.
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(Udaipur Kiran)
