जयपुर, 5 सितंबर (Udaipur Kiran News). साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइबर संग्राम’ के तहत अलवर पुलिस ने एक बड़े क्रिप्टो करेंसी धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो लोगों को भारी मुनाफे का लालच देकर फर्जी क्रिप्टो निवेश योजनाओं में ठगते थे.

Superintendent of Police सुधीर चौधरी ने बताया कि यह कार्रवाई सहायक Superintendent of Police कांबले शरण गोपीनाथ के निर्देशन और सीओ अंगद शर्मा की देखरेख में की गई. एनईबी थाना पुलिस और डीएसटी टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी फर्जी वर्चुअल करेंसी जैसे ‘इंडो क्रिप्टो’, ‘डीओडी क्रिप्टो’ और ‘वीएनएस सिक्का’ में निवेश कराने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ रहे हैं.
गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है –
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राहुल जांगिड पुत्र सतीश कुमार (29), निवासी किशनगढ़बास
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मनीष जाजोरिया पुत्र रमेश चन्द (42)
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महेन्द्र पुत्र बलराम माली (38), निवासी एनईबी, जिला अलवर
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प्रकाश चन्द पुत्र अमर सिंह (55), निवासी मेहताब सिंह का नोहरा, थाना कोतवाली, जिला अलवर
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राहुल जाटव पुत्र जगन प्रसाद (30), निवासी तूलेडा, थाना सदर अलवर
ठगी का तरीका
आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे लोगों को भारी मुनाफा और कमीशन का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे. जब कोई व्यक्ति बड़ी रकम निवेश कर देता था, तो वे तुरंत अपनी वर्चुअल करेंसी आईडी बंद कर देते और नई आईडी बनाकर फिर से प्रचार शुरू कर देते थे. इस तरह वे लगातार लोगों को ठगते रहे.
बरामदगी और टीम
पुलिस ने आरोपियों के पास से 7 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक चेकबुक और 13,010 रुपये नकद बरामद किए हैं. इस कार्रवाई में थाना एनईबी से एसएचओ दिनेश चंद, एसआई कबूल सिंह, डीएसटी से एएसआई हरविलास, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार, कांस्टेबल करतार, और साइक्लोन सेल से हेड कांस्टेबल संदीप कुमार व कांस्टेबल अमित कुमार शामिल रहे.