

उदयपुर, 27 दिसंबर (Udaipur Kiran) .
Rajasthan के प्रतापगढ़ जिले की पुलिस ने मानवीय संवेदना और Rajasthan पुलिस के ध्येय वाक्य आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय को साकार करते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. ऑपरेशन विश्वास के तहत Maharashtra के शोलापुर जिले में बंधक बनाकर रखे गए प्रतापगढ़ जिले के 53 आदिवासी मजदूरों को सकुशल रेस्क्यू किया गया. इनमें 13 महिलाएं एवं 40 पुरुष शामिल हैं.
जिला Superintendent of Police प्रतापगढ़ बी. आदित्य के निर्देशानुसार तथा अतिरिक्त Superintendent of Police गजेन्द्रसिंह जोधा के मार्गदर्शन में थाना घंटाली के उप निरीक्षक सोहनलाल के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने यह सफल रेस्क्यू ऑपरेशन किया. यह सभी मजदूर प्रतापगढ़ जिले के घंटाली, पीपलखूंट, पारसोला थाना क्षेत्र के ग्राम वरदा, जामली, मालिया, गोठड़ा, उमरिया पाड़ा, बड़ा काली घाटी, ठेसला, कुमारी सहित अन्य गांवों के निवासी हैं.
जिला Superintendent of Police प्रतापगढ़ बी. आदित्य ने शुक्रवार देर रात पत्रकारों को बताया कि 22 दिसंबर 2025 को उन्हें सूचना मिली कि इन गांवों के महिला-पुरुष मजदूरी के लिए करीब दो माह पूर्व Maharashtra के शोलापुर जिले के अकलूज थाना क्षेत्र अंतर्गत जाबुड़ गांव ले जाए गए थे. मजदूरों को इंदौर में प्रति व्यक्ति 500 रुपये मजदूरी, निःशुल्क भोजन एवं आवास का झांसा देकर दलालों द्वारा बाहर ले जाया गया, लेकिन उन्हें Maharashtra में गन्ने के खेतों में जबरन काम पर लगा दिया गया.
प्राथमिक जांच में सामने आया कि इस पूरे षड्यंत्र की योजना Maharashtra निवासी दलाल सीताराम पाटिल तथा Rajasthan के अलवर निवासी खान नामक व्यक्ति ने मिलकर बनाई. दोनों ने जमीदारों से मजदूरों की मजदूरी के नाम पर लाखों रुपये एडवांस ले लिए. जानकारी के अनुसार खान नामक दलाल ने लगभग 9 लाख 50 हजार रुपये तथा सीताराम पाटिल ने करीब 18 लाख रुपये एडवांस राशि प्राप्त की.
एडवांस राशि लेने के बाद दलालों और जमीदारों ने मजदूरों को अलग-अलग खेतों में बांट दिया. मजदूरी की मांग करने पर मजदूरों के साथ मारपीट की गई, उन्हें फार्म हाउसों और बाड़ों में बंधक बनाकर रखा गया तथा जबरन काम करवाया गया. महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार की भी शिकायतें सामने आई हैं. अब तक मजदूरों को किसी प्रकार की मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया था.
स्थिति से परेशान होकर कुछ मजदूर मौका पाकर भागने में सफल हुए और अपने परिजनों को फोन के माध्यम से पूरी जानकारी दी. सूचना मिलते ही प्रतापगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मजदूरों के परिजनों को साथ लेकर Maharashtra रवाना हुई. उप निरीक्षक सोहनलाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कड़ी मेहनत और सूझबूझ से अलग-अलग स्थानों पर बंधक बनाए गए कुल 53 मजदूरों को मुक्त कराया.
रेस्क्यू के दौरान मजदूरों के पास खाने-पीने और वापस लौटने के लिए किराए तक की व्यवस्था नहीं थी. ऐसे में थाना घंटाली क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से आवश्यक संसाधन जुटाए गए और सभी मजदूरों को सुरक्षित प्रतापगढ़ लाया गया. सभी रेस्क्यू किए गए मजदूरों को उनके गांवों तक सुरक्षित पहुंचाया जा रहा है.
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(Udaipur Kiran) / सुनीता
