
कोलकाता, 6 दिसम्बर (Udaipur Kiran) .कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में sunday को होने जा रहे सामूहिक गीता पाठ को लेकर व्यापक तैयारियां Saturday रात तक पूरी हो गई हैं. बड़ी संख्या में पूरे देश से साधु संतों की भीड़ मैदान में पहुंच गई है, जिनके ठहरने की व्यवस्था ग्राउंड में ही की गई है. ‘सनातन संस्कृति सांसद’ जो इस गीता पाठ का आयोजन कर रहा है, उसकी ओर से कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रदीप्तानंद महाराज ने बताया कि इस बार पांच लाख लोग एक साथ गीता का पाठ करेंगे. वर्ष 2023 में हुए आयोजन में एक लाख लोगों की भागीदारी का दावा किया गया था.
नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने सबसे पहले इस कार्यक्रम की घोषणा की थी और कहा था कि पांच लाख हिन्दू इसमें शामिल होंगे. हालांकि उनके स्वयं कार्यक्रम में आने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष, प्रदेश अध्यक्ष शामिक भट्टाचार्य और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार के शामिल होने की पुष्टि हो चुकी है.
दिलीप घोष की भागीदारी को लेकर पार्टी में कुछ अटकलें चल रही थीं, क्योंकि हाल के महीनों में वे कई बड़े कार्यक्रमों से दूर रहे हैं. लेकिन उन्होंने कहा कि निमंत्रण मिला है, वे sunday सुबह ब्रिगेड पहुंचेंगे.
Chief Minister ममता बनर्जी और राज्यपाल सीवी आनंद बोस को भी निमंत्रण भेजा गया, लेकिन दोनों शामिल नहीं होंगे. राज्यपाल दिल्ली में हैं और Chief Minister के कार्यक्रम में उपस्थित रहने की संभावना नहीं है.
अधिकारी ने Chief Minister पर निशाना साधते हुए कहा कि वह “तुष्टीकरण की राजनीति” में विश्वास करती हैं, इसलिए इस कार्यक्रम में नहीं आएंगी. भाजपा इस आयोजन को धार्मिक कार्यक्रम के साथ-साथ 2026 विधानसभा चुनावों से पहले हिन्दू वोटरों तक पहुंचने के बड़े अभियान के रूप में देख रही है.
आयोजन स्थल पर तीन बड़े मंच तैयार किए गए हैं. मुख्य मंच पर देशभर के संत–महंत और प्रमुख आध्यात्मिक हस्तियां मौजूद रहेंगी, जहां से सामूहिक गीता पाठ का नेतृत्व किया जाएगा. दूसरे दो मंचों पर बंगाल के प्रमुख साधु–संतों को स्थान दिया गया है. मुख्य मंच के सामने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए एक छोटा मंच भी बनाया गया है.
कार्यक्रम में सनातन संस्कृति संसद के रामापद पाल और जलधर महतो समेत कई पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे. मुख्य अतिथियों में भारत सेवाश्रम संघ के स्वामी प्रदीप्तानंद (कार्तिक महाराज), रिषड़ा प्रेम मंदिर के निर्गुनानंद ब्रह्मचारी और जगतबंधु आश्रम के बंधुगौरव दास महाराज शामिल हैं. स्वामी ज्ञानानंद, बाबा रामदेव, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और साध्वी ऋतम्भरा जैसी राष्ट्रीय हस्तियां इस कार्यक्रम में शामिल हो रही हैं.
2026 के विधानसभा चुनावों से पहले sunday का यह आयोजन राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है. हालांकि आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि इस कार्यक्रम का राजनीति से कोई लेना देना नहीं है.
(Udaipur Kiran) / ओम पराशर
