
शिमला, 03 नवंबर (Udaipur Kiran) . राजधानी शिमला में Monday सुबह से निजी बस चालक व परिचालक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल गए हैं. वर्किंग डे पर इस हड़ताल का असर साफ दिखाई दे रहा है. शहर में करीब 100 से अधिक निजी बसों के पहिए थम जाने से आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सुबह से ही शहर के विभिन्न रूटों पर निजी बसें न चलने के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाइयां आ रही हैं.
वर्किंग डे होने के कारण दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थी और रोजाना काम पर जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है. कई जगहों पर लोग घंटों तक बसों का इंतजार करते नजर आए. निजी बसें न चलने से हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसों में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है. शहर के बस अड्डों और प्रमुख चौकों पर यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं.
हड़ताल को देखते हुए परिवहन निगम ने राहत के तौर पर शहर के भीतर अतिरिक्त बसें चलाने का निर्णय लिया है. निगम ने अपने चालकों को यह हिदायत दी है कि वे बसों को जहां-जहां जरूरत हो वहां रोककर यात्रियों को बिठाएं ताकि लोगों को अधिक असुविधा न हो.
शिमला सिटी निजी बस चालक-परिचालक संघ के आह्वान पर यह हड़ताल शुरू की गई है. संघ का आरोप है कि 40 किलोमीटर से अधिक दूरी से आने वाली बड़ी बसों को शहर और पुराने बस अड्डे में प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए, लेकिन प्रशासन इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा. संघ के महासचिव अखिल गुप्ता ने बताया कि 12 अक्टूबर को निगम अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह तय हुआ था कि बड़ी बसों के प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी, मगर अब तक यह आदेश लागू नहीं हुए हैं.
संघ का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी.
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(Udaipur Kiran) / उज्जवल शर्मा
