गुरुग्राम: समाज के सबसे निचलते तबके की सहानुभूति से सेवा करें लोक सेवक: हरविन्द्र कल्याण

-विधान सभा अध्यक्ष ने लोकसेवकों से किया समाज के सबसे निचले तबके तक पहुंचने का आह्वान
-हिपा में प्रशिक्षण ले रहे अधिकारियों से किया संवाद, प्रशिक्षण की उपयोगिता और कार्यप्रणाली पर ली विस्तृत जानकारी
गुरुग्राम, 5 दिसंबर (Udaipur Kiran) । हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने लोक सेवकों से समाज के सबसे निचले तबके के लोगों तक पहुंचने और उनके प्रति सहानुभूति, प्रतिबद्धता के साथ उनकी सेवा करने का आह्वान किया। वे शुक्रवार को सेक्टर-18 स्थित हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) में हरियाणा विधान सभा के प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों और विशेष फाउंडेशन कोर्स (एसएफसी) को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान वे अधिकारियों से रूबरू हुए और उनकी प्राथमिकताओं के बारे में बातचीत की।
हिपा में विधान सभा के अधिकारियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा 8 सप्ताह का विशेष फाउंडेशन कोर्स चल रहा है। इस फाउंडेशन कोर्स में आईपीएस, आईएफओएस, आईपी एंड टीएएफएस अधिकारी शामिल हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को विविध विषयों पर व्यापक और उपयोगी जानकारी प्रदान की गई।
हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने पहले विधान सभा सचिवालय के अधिकारियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से संवाद करते हुए उनकी कार्यप्रणाली तथा प्रशिक्षण के बारे में चर्चा की। विस अध्यक्ष कल्याण ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नई दृष्टि और नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि जब भी वे किसी कार्यक्रम में जाते हैं, वे वहां से कुछ न कुछ अवश्य सीखकर लौटते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में सीखने की भावना बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। हम सभी का बड़ा लक्ष्य देश और समाज की सेवा करना है। कभी-कभी हमें लगता है कि राष्ट्र निर्माण, विकसित भारत में हमारी भूमिका छोटी है, लेकिन वास्तव में ईमानदारी से किए गए छोटे-छोटे प्रयास ही बड़े परिणाम देते हैं।
वहीं विशेष फाउंडेशन कोर्स में आईपीएस, आईएफओएस, आईपी एंड टीएएफएस अधिकारियों को प्रेरित करते हुए विस अध्यक्ष ने कहा कि अपनी क्षमताओं को सही दिशा में लगाना और निरंतर आगे बढ़ते रहना ही सफलता का मार्ग है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अधिक प्रभावशाली और बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं, जो प्रशंसनीय है।
उन्होंने सभी अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें स्वयं सीखने के साथ-साथ दूसरों को भी सीखाने की भावना रखनी चाहिए।
(Udaipur Kiran)



