पुस्तक मेला : विजिटर बुक में झलका पाठकों का भावनात्मक जुड़ाव

विमाेचन

–किताबों का शहर इलाहाबाद इंसान को जिंदा रखता है

Prayagraj, 26 दिसम्बर (Udaipur Kiran) . कटरा स्थित द पाम्स रॉयल गार्डन में आयोजित साहित्य और ज्ञान के उत्सव Prayagraj पुस्तक मेला अपने नौवें दिन भी पुस्तक प्रेमियों के उत्साह का केंद्र बना रहा. मेले में उमड़ रही भीड़ और प्रवेश द्वार पर रखी गई विज़िटर बुक (आगंतुक पुस्तिका) में दर्ज प्रतिक्रियाएं इस बात का प्रमाण हैं कि यह आयोजन पाठकों के दिलों को छू रहा है.

विज़िटर बुक में दर्ज फीडबैक के अनुसार पाठक नवीनतम पुस्तकों के संग्रह, कथा-गैरकथा, बाल साहित्य जैसी विविध विधाओं तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों को विशेष रूप से पसंद कर रहे हैं. कवि धुरिया ने लिखा, “किताबों का शहर इलाहाबाद जो इंसानों को ज़िंदा रखता है.” दारागंज निवासी नीरज ने लिखा, “किताबें जीवन होती हैं, किताबों का मेला जीवन को समृद्ध करता है; इस मेले में किताबों के रूप में अनमोल रत्न मिले हैं.”

दिलखुशा पार्क की नियति यादव ने विज़िटर बुक में “इट्स गुड, आई लाइक द बुक्स” लिखकर प्रसन्नता व्यक्त की. अभिषेक श्रीवास्तव ने “एक कदम साहित्य की ओर” लिखा, जबकि एक अन्य पाठक ने और अधिक प्रकाशकों को आमंत्रित करने का सुझाव दिया. आनंद राज सिंह ने इसे “किताबों की सुंदर दुनिया” बताया. मोहम्मद आतिश ने लिखा, “किताबों की गलियों में घूमना दिल को सुकून देता है.”

रविंद्र सिंह ने एक साथ इतने प्रकाशकों की पुस्तकों को देखना अनूठा अनुभव बताया. उत्तम प्रकाश ने व्यवस्थाओं की सराहना की, वहीं हिमांशु ने कहा कि उनकी सभी पसंदीदा पुस्तकें यहां उपलब्ध रहीं. पल्लवी सिंह ने इसे समाज और जीवन से जुड़ने का अच्छा माध्यम बताया. वाराणसी से आई नंदिता अश्वि ने लिखा कि पुस्तकों का रचनात्मक संसार अत्यंत सुंदर और विविध आयामों से भरा है, जबकि निशिता ने मेले को अविस्मरणीय अनुभव बताया. साबिद अहमद ने कहा कि आज के दौर में पुस्तक मेला सभी मेलों से बेहतर है.

आयोजक मनोज सिंह चंदेल एवं सह आयोजक मनीष गर्ग ने संयुक्त रूप से बताया कि शुक्रवार को सांस्कृतिक मंच पर ‘बंदी शब्दों का हलफनामा’ पुस्तक पर परिचर्चा हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रोफेसर आलोक प्रसाद ने की. वक्ता के रूप में प्रवीण शेखर, डॉ. दिनेश कुमार एवं डॉ. मोतीलाल उपस्थित रहे. इसके साथ ही रुद्रादित्य प्रकाशन समूह द्वारा प्रकाशित कविता-संग्रह ‘काशी नहीं’ (जुलाहे की कविताएं) का लोकार्पण एवं परिचर्चा भी हुई, जिसमें यश मालवीय, प्रो. हेरम्ब चतुर्वेदी, प्रो. अनीता गोपेश, रवि नंदन सिंह, श्रीरंग एवं वक्ता प्रकर्ष मालवीय उपस्थित रहे.

आयोजकों ने बताया कि Prayagraj पुस्तक मेले के अंतर्गत 27 दिसम्बर को सायं 5 बजे रॉयल गार्डन में भव्य पुस्तक विमोचन समारोह आयोजित किया जाएगा. जिसके मुख्य अतिथि वरिष्ठ राजनेता एवं पूर्व सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह होंगे, जबकि Uttar Pradesh पुलिस के पूर्व महानिदेशक एस.एन. चक विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे.

इस अवसर पर डॉ. पन्ना लाल एवं डॉ. अजय कुमार द्वारा लिखित पुस्तकों “Indian प्रशासन और पुलिस (प्राचीन काल से आधुनिक काल तक)” तथा “कुछ यादें, कुछ बातें भी – My Days with Police” का विमोचन किया जाएगा. कार्यक्रम का आयोजन फोर्स वन बुक्स द्वारा बुकवाला के सहयोग से किया जा रहा है.

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(Udaipur Kiran) / विद्याकांत मिश्र

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