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Friday, 30 October 2026
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गीता श्लोक का पाठ कॉलेज में भी हो अनिवार्य:रविंद्रपुरी महाराज

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी महाराज।

हरिद्वार, 23 दिसंबर (Udaipur Kiran) । उत्तराखंड के स्कूलों में भगवत गीता के श्लोक पढ़ाये जाने के सरकार के निर्णय पर साधु संत समाज भी संतुष्ट नजर आ रहे हैं। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी महाराज ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि गीता पाठ केवल स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि कॉलेजों में भी पढ़ाया जाना चाहिए।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी महाराज ने एक बातचीत में कहा कि धामी सरकार सनातन के संरक्षण और संवर्धन के लिए काम कर रही है।सावन माह में की गई यह घोषणा अब धरातल पर उतर चुकी है। उन्होंने कहा कि गीता पाठ केवल स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि कॉलेजों में भी इसका पाठ पढ़ाया जाना चाहिए। जो समाज के लिए एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश है।

उन्होंने कहा कि भारत अब सनातनी हो रहा है, इस पहल से आने वाली पीढ़ी को सही दिशा और मजबूत संस्कार मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि श्रीमद् भगवद गीता विश्व में सबसे अधिक मान्य ग्रंथों में से एक है और देश के सभी प्रमुख दर्शन गीता के सिद्धांतों से ही पुष्ट होते हैं। सभी आचार्यों ने भी गीता के आधार पर अपने सिद्धांतों की पुष्टि की है।

बता दें कि सरकारी स्कूलों में अब श्रीमद् भगवद गीता के श्लोकों का पाठ अनिवार्य कर दिया गया है। यह निर्णय कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों पर तत्काल प्रभाव से लागू होगा। बाकायदा शिक्षा विभाग ने इसका आदेश भी जारी किया है। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और जीवन दर्शन से जोड़ना है, ताकि शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों का भी विकास हो सके।

(Udaipur Kiran) / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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