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Thursday, 29 October 2026
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यूक्रेनी ड्रोन हमले से रूसी गैस प्लांट ठप, कजाखस्तान को तेल-गैस उत्पादन में 30% तक कटौती करनी पड़ी

मास्को, 20 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । यूक्रेन द्वारा रूस के ओरेनबर्ग गैस प्लांट पर किए गए ड्रोन हमले का असर अब पड़ोसी देश कजाखस्तान पर भी पड़ा है। इस हमले के बाद कजाखस्तान को अपने कराचागानाक तेल और गैस कंडेनसेट क्षेत्र में उत्पादन को 25 से 30 प्रतिशत तक घटाना पड़ा है। यह जानकारी रॉयटर्स ने उद्योग से जुड़े सूत्रों के हवाले से दी है।

ओरेनबर्ग गैस प्लांट, जो दुनिया के सबसे बड़े गैस प्रोसेसिंग संयंत्रों में से एक है, ने हमले के बाद कजाखस्तान से गैस की सप्लाई लेना अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। कजाख ऊर्जा मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है।

सूत्रों के अनुसार, सोमवार को कराचागानाक का उत्पादन सामान्य 35,000-35,500 मीट्रिक टन से घटकर 25,000 से 28,000 मीट्रिक टन (करीब 1.96 लाख बैरल प्रतिदिन) रह गया। उन्होंने यह भी बताया कि गैजप्रोम के नियंत्रण वाला ओरेनबर्ग प्लांट सोमवार से सीमित स्तर पर गैस की आपूर्ति फिर से शुरू कर सकता है, लेकिन सामान्य उत्पादन बहाल होने में समय लग सकता है।

तेल और गैस दोनों का उत्पादन एक-दूसरे से जुड़ा होने के कारण, कराचागानाक क्षेत्र में गैस आपूर्ति प्रभावित होते ही तेल उत्पादन भी घट गया है। इस क्षेत्र में उत्पादित गैस का उपयोग ओरेनबर्ग प्लांट के अलावा, दबाव बनाए रखने और स्थानीय बिजली उत्पादन में किया जाता है।

कराचागानाक क्षेत्र से 2024 में औसतन 2.63 लाख बैरल प्रतिदिन तेल का उत्पादन हुआ था। यह तेल कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम के माध्यम से रूस के ब्लैक सी टर्मिनल और द्रुज्बा पाइपलाइन के जरिए जर्मनी तक निर्यात किया जाता है।

इस परियोजना का संचालन शेवरॉन (18%), शेल और एनी (दोनों के पास 29.25% हिस्सेदारी), रूस की लुकोइल (13.5%) और कजाख कंपनी काज़मुनायगैज़ (10%) के कंसोर्टियम द्वारा किया जाता है।

कजाख सरकार ने 2024 में साझेदार कंपनियों के साथ मिलकर 2028 तक चार अरब घन मीटर वार्षिक क्षमता वाले एक नए गैस प्लांट के निर्माण पर सहमति जताई थी, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यह परियोजना स्थगित कर दी गई है। अब सरकार घरेलू निवेशकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है।

सितंबर में भी ओरेनबर्ग संयंत्र के रखरखाव कार्यों के चलते कराचागानाक का तेल और गैस उत्पादन अगस्त की तुलना में करीब 24 प्रतिशत घटकर 2 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया था।

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(Udaipur Kiran) / आकाश कुमार राय

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